एटा। अयोध्या के राम मंदिर से करोड़ों के चढ़ावे की चोरी के मामले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भी सवाल उठाए हैं। यूपी के एटा में अपने कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य ने कहा- यह कोई पहली बार चोरी का मामला नहीं हुआ है। जब से शिलान्यास हुआ, तभी से चोरियां हो रही हैं। पहले शिनान्यास हुआ था, तब चोरी हुई। फिर मंदिर बनने लगा तो प्लॉट बिकने लगे। 2 मिनट में लाखों का प्लॉट करोड़ों का हो जाता था। और अभी वाली चोरी। वहां तो पहले से ही यह सब हो रहा है।
शंकराचार्य ने मंदिर ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय पर सवाल उठाते हुए कहा- जब वहां चंपत राय को बिठाया गया है तो आपको पहले ही समझ जाना चाहिए था कि आगे क्या होने वाला है…। चंपत शब्द, चंप धातु से बना है। चंप का मतलब ही होता है ‘’लेकर भाग जाना”। चंपत हो गए, मतलब लेकर भाग गए।
बता दें शंकराचार्य उत्तर प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों का 81 दिनों में दौरा कर रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना और गौ संरक्षण के प्रति जनजागरण करना है। इसी क्रम में उन्होंने जलेसर, एटा और अलीगंज विधानसभा क्षेत्रों में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
अब शंकराचार्य का पूरा बयान पढ़िए-
“चोरी हुई है, ये आरोप जो लगा है, वहीं से निकलकर आया है। जो समाचार निकलकर आया है, उसके बारे में कहा है कि वहां तो लगातार चोरी हो रही है। आज पहली बार थोड़ी न हुई है। वहां जब शिलापूजन हुआ था, तब से चोरी हो रही है। कितने आरोप लग चुके हैं। पहले शिलापूजन हुआ, तब चोरी हुई। फिर जब राम जन्मभूमि मंदिर बनने लगा, तब प्लॉट बिकने लगे। 2-2 मिनट में लाख का प्लॉट करोड़ में हो जाता था। और अभी वाली चोरी। वहां तो पहले से ही यह सब हो रहा है। जब वहां चंपत राय बैठे हैं। चंपत का मतलब जानते हो? चंप धातु से चंपत शब्द बना है। चंप का मतलब ही होता है, लेकर भाग जाना। चंपत हो गए, मतलब लेकर भाग गए। अर्थात जब पहले ही चंपत राय को बैठा दिया है, तो आपको समझ जाना चाहिए कि क्या होने वाला है।”
उन्होंने कहा कि वह अपने राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो जनता आगामी चुनावों में सत्तारूढ़ दल के खिलाफ मतदान करे।
सपा नेताओं के कार्यक्रमों में पहुंचे
उन्होंने जलेसर दौरे के दौरान गौ रक्षा विषय पर उद्बोधन दिया। एटा में सपा नेता मंजीत यादव के आवास पर रात्रि विश्राम किया। इसके बाद अलीगंज में पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामकिशोर यादव, सपा नेता गौरव यादव तथा युवा सपा नेता मुकेश यादव उर्फ मुक्का के कार्यक्रमों में शामिल हुए। मुकेश यादव के आवास पर आयोजित दरबार में उन्होंने जनसभा को संबोधित किया।
अलीगंज में आयोजित सभा में शंकराचार्य ने उपस्थित लोगों को शपथ दिलाई कि यदि गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित नहीं किया गया तो वे आगामी चुनाव में सत्ता पक्ष के खिलाफ मतदान करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य गाय को राष्ट्रीय पहचान दिलाना है।
राम मंदिर चंदा घोटाले का लगाया आरोप
सभा के दौरान शंकराचार्य ने अयोध्या राम मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे और ट्रस्ट व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शिलापूजन के समय से ही करोड़ों रुपये के घोटाले हुए हैं। उनका दावा था कि राम मंदिर आंदोलन की कानूनी लड़ाई भाजपा या उससे जुड़े संगठनों ने नहीं, बल्कि शंकराचार्यों, अखाड़ों के संतों और वैष्णवाचार्यों ने लड़ी थी।
उन्होंने कहा कि गाय को राष्ट्रमाता घोषित कराने के लिए उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों से समर्थन मांगा। उनके अनुसार अधिकांश दलों ने उनका स्वागत किया, लेकिन भाजपा कार्यालय पहुंचने से पहले उन्हें रोक दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जो पार्टी स्वयं को सबसे बड़ा हिंदूवादी बताती है, वही हिंदू हितों की अनदेखी कर रही है।
प्रतिदिन बड़ी संख्या में गायों का वध हो रहा
शंकराचार्य ने दावा किया कि देश में देसी गायों की संख्या लगातार घट रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में गायों का वध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव इस बार श्रीराम के नाम पर नहीं, बल्कि गौमाता के सम्मान और संरक्षण के मुद्दे पर लड़ा जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में शंकराचार्य ने उपस्थित लोगों को गौ संरक्षण का संकल्प दिलाया। इसके बाद वह अपने अगले कार्यक्रम के लिए कासगंज जिले की पटियाली विधानसभा क्षेत्र की ओर रवाना हो गए।




