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छत्तीसगढ़: पहली पत्नी ने दूसरी को मार डाला; पति के कम प्यार से थी नाराज

बालोद । बालोद जिले में पहली पत्नी ने दूसरी की हत्या कर दी। आरोपी महिला ने पहले खाट के पाये से हमला किया, फिर गन्ना काटने वाली आरी से उसका गला रेत दिया। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। मामला बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम नेवारीकला का है।

जांच में सामने आया कि पति के दूसरी पत्नी को घर में रखने और उसे ज्यादा महत्व देने से पहली पत्नी नाराज थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते पहली पत्नी ने करीब 6 महीने पहले ही दूसरी पत्नी की हत्या की साजिश रच ली थी। मंगलवार को इस पूरे मामले का खुलासा हुआ।

पढ़िए हत्या की पूरी कहानी…

पुलिस के मुताबिक, नेवारीकला गांव का रहने वाला चिम्मनलाल साहू (40) मजदूरी करता है। करीब पांच साल पहले उसने प्रेम संबंध के चलते गांव के दूसरे मोहल्ले की दयाबाई सोनकर (47) को अपने घर में रख लिया था। तभी से उसकी पहली पत्नी अमृत बाई साहू, दयाबाई को लेकर नाराज रहती थी।

सोमवार रात करीब 11 बजे जब घर के सभी सदस्य खाना कर सो गए, तब अमृत बाई ने सो रही दयाबाई पर खाट के पाए से गर्दन पर ताबड़तोड़ वार किए। इसके बाद मौत की पुष्टि करने के लिए उसने गन्ना काटने वाली आरी से उसका गला काट दिया।

हत्या के बाद आरोपी खुद को बचाने के लिए रात में घर से निकलकर खेत पहुंची, जहां उसने खून से सनी साड़ी बदल दी। किसी को शक न हो, इसलिए तड़के करीब साढ़े 3 बजे दोबारा घर लौट आई।

सुबह खून से लथपथ मिला शव

गांव के कोटवार झगेश्वर सिंह और चंद्रकिशोर गेडाम के अनुसार, तड़के करीब 4 बजे आरोपी के रिश्तेदार उन्हें घर बुलाने पहुंचे। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि दयाबाई खाट पर खून से लथपथ मृत अवस्था में पड़ी थीं और पूरा बिस्तर खून से सना हुआ था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

फॉरेंसिक और साइबर टीम ने जुटाए सबूत

मंगलवार सुबह थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा, साइबर सेल प्रभारी धरम भुआर्य, फॉरेंसिक टीम और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। जांच में पता चला कि दोनों महिलाएं एक ही घर के अलग-अलग कमरों में रहती थीं।

पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल खाट का लकड़ी का पाया और गन्ना काटने वाली आरी जब्त कर ली। फॉरेंसिक टीम ने खून समेत अन्य महत्वपूर्ण सबूत भी इकट्ठे किए।

दोनों महिलाओं के दो-दो बेटे

आरोपी अमृत बाई के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा 10वीं तक पढ़ाई करने के बाद पढ़ाई छोड़ चुका है, जबकि छोटा बेटा 11वीं कक्षा में पढ़ता है। वहीं दयाबाई सोनकर के भी दो बेटे हैं। दोनों विवाहित हैं और उनके बच्चे भी हैं।

घटना की जानकारी मिलने पर दयाबाई के मायके पक्ष के लोग राजनांदगांव से बालोद पहुंचे। पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया, जिसके बाद नेवारीकला गांव में अंतिम संस्कार किया गया।

6 महीने से बना रही थी हत्या की योजना

बालोद थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि अमृत बाई पिछले करीब 6 महीने से हत्या की योजना बना रही थी। उसने वारदात के लिए पहले से ही खाट का लकड़ी का पाया और गन्ना काटने वाली आरी अलग रख ली थी।

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