कोरबा । कोरबा में फसल तैयार होने के साथ ही हाथियों का आतंक फिर बढ़ गया है। लेकिन इस बार हाथियों के साथ-साथ ग्रामीणों की लापरवाही भी खतरा बन रही है। कुदमुरा रेंज में ग्रामीण हाथियों को भगाने और देखने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।
कुदमुरा रेंज धरमजयगढ़ वन मंडल से सटा हुआ है। मानसून के बाद फसलें तैयार होने पर हाथी भोजन की तलाश में अक्सर गांवों की ओर आ जाते हैं। हाथियों की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम 24 घंटे अलर्ट रहती है और ग्रामीणों को जंगल में न जाने की सलाह देती है। हालांकि, ग्रामीण इन चेतावनियों को नजरअंदाज कर रहे हैं।
हाथियों को देखने उमड़ी भीड़, भगदड़ में युवक घायल
मौके पर हाथियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट रहे हैं। कई लोग हाथियों को भगाने के लिए पटाखे, ढोल और मशाल लेकर जंगल तक पहुंच जा रहे हैं। कुछ युवा हाथियों के साथ फोटो और वीडियो बनाने के लिए पेड़ों पर भी चढ़ रहे हैं।
ग्रामीणों की भीड़ के कारण मची अफरा-तफरी में कलमीटिकरा गांव का करण नाम का युवक घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है।
वन विभाग ने दी सतर्क रहने की सलाह
वर्तमान में करतला रेंज के एक गांव के पास दो दंतैल हाथी घूम रहे हैं। वन विभाग के अनुसार, हाथी सामान्यतः हमला नहीं करते, लेकिन जब लोग शोर मचाकर उन्हें भगाते हैं या उनके बहुत करीब जाकर वीडियो बनाते हैं, तो वे डरकर हमला कर देते हैं। यही कारण है कि इस तरह की गतिविधियों से सबसे अधिक खतरा उत्पन्न हो रहा है।
एसके सोनी, वन विभाग के एसडीओ ने बताया कि हाथियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रत्येक गांव में चौकीदार और वनकर्मी तैनात किए गए हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथी दिखने पर अपने घरों में रहें, शोर न मचाएं और जंगल की ओर बिल्कुल न जाएं। साथ ही, बच्चों को भी बाहर न भेजने की सलाह दी गई है।
ग्रामीणों का तर्क है कि हाथी उनकी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं, इसलिए उन्हें भगाना उनकी मजबूरी है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि भीड़ लगाकर हाथियों को भगाने से वे और अधिक आक्रामक हो जाते हैं, जिससे जनहानि का खतरा बढ़ जाता है।





