वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान विश्व नेताओं को संबोधित किया। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भाषण की शुरुआत अमेरिका आए वैश्विक प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए की। उन्होंने अमेरिका की कथित तौर पर फिर से मजबूत हुई स्थिति की प्रशंसा की।
ट्रंप ने कहा, “अमेरिका वापस आ गया है और हमारा देश आज पहले से कहीं अधिक मजबूत है।” उनके भाषण में संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय और ईरान में अमेरिका द्वारा कथित युद्ध अपराध किए जाने के दावों पर निशाना साधे जाने की उम्मीद है।
ट्रंप की दो टूक- ईरान को नहीं बनाने देंगे परमाणु हथियार
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि हमने ईरान को समझौते का मौका दिया था। हमने ये युद्ध लगभग खत्म कर दिया है। ईरान को बचने का मौका नहीं मिलेगा। ईरान का हमला अब भी जारी है। अमेरिका कभी भी ईरान को परमाणु बम नहीं बनाने देगा।
ट्रंप ने कहा कि पिछले 51 वर्षों से ईरानी शासन “खून-खराबे और सामूहिक हत्याओं के जरिए शासन कर रहा है और पूरे मध्य पूर्व तथा उसके बाहर मौत, तबाही और अराजकता फैला रहा है।” उन्होंने कहा कि ईरान कभी मध्य पूर्व का दबंग था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। ट्रंप ने कहा कि वह ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं देंगे।
ट्रंप का दावा- अमेरिका की सीमा इतिहास में सबसे सुरक्षित
ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की आर्थिक, सुरक्षा और तकनीकी उपलब्धियों के तौर पर कई दावे किए। उन्होंने कहा, “हम लगभग हर क्षेत्र में आगे हैं।” ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उनके प्रशासन ने बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों के खिलाफ अभूतपूर्व कार्रवाई की है। उन्होंने कहा, “अब हमारे पास अमेरिकी इतिहास की सबसे सुरक्षित सीमा है। कोई भी व्यक्ति तब तक अंदर नहीं आता, जब तक उसे आमंत्रित न किया जाए।”
ट्रंप बोले- अन्य लोग शांति की बात करते रहे, मैंने शांति कायम की
ट्रंप ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका अपने महत्वपूर्ण राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए सैन्य शक्ति का इस्तेमाल करेगा। उन्होंने कहा, “जब दूसरे लोग सिर्फ बात करते रहे, मैंने कार्रवाई की। जब दूसरे लोग शांति की बात करते रहे, मैंने शांति कायम की।” उन्होंने एक बार फिर से दावा किया कि मैंने दुनिया में आठ युद्ध रुकवाए हैं।
ईरान को दुनिया की कीमत पर ताकत जुटाने दी गई: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान को “दुनिया की सुरक्षा को खतरे में डालकर ताकत जुटाने दिया गया”, लेकिन अमेरिका ने तेहरान को “आतंक फैलाने” से रोकने के लिए कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने बैलिस्टिक मिसाइलों से ईरान की परमाणु बम हासिल करने की बेताब कोशिश को रोक दिया। ट्रंप ने कहा, “अगर वे सफल हो जाते तो वह दुष्ट शासन हमेशा के लिए आतंक और मौत फैलाने के लिए स्वतंत्र होता।”
अमेरिका ने सेना पर अब तक का सबसे ज्यादा पैसा लगाया : ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने पिछले 12 महीनों में अपनी सेना पर अब तक के सबसे ज्यादा धन का निवेश किया है। उन्होंने कहा कि उनके मौजूदा कार्यकाल में यह राशि 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा, “पूरी दुनिया एक नए जोश से भरे और बेहद शक्तिशाली अमेरिका की संपत्ति, ताकत, भावना और गति से लाभान्वित हो रही है।”




