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अयोध्या: चंपत राय के खिलाफ संतों की बैठक पुलिस ने रोकी, गुस्साए संतों ने ‘चंदा चोरों अयोध्या छोड़ो’ के नारे लगाए

अयोध्या। अयोध्या से बड़ी खबर सामने आई है, जहां श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के विरोधी गुट के संतों की प्रस्तावित बैठक को पुलिस द्वारा रोके जाने का आरोप लगा है. संतों का दावा है कि रामायणम आश्रम में आयोजित होने वाली इस बैठक को रोकने के लिए स्थानीय पुलिस ने आश्रम में ताला लगवा दिया और वहां मौजूद संतों को कुछ समय के लिए नजरबंद रखा.पुलिस और जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से नाराज संतों ने परिसर के बाहर जमकर नारेबाजी की और प्रशासन पर मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए.

‘चंदा चोरों अयोध्या छोड़ो’ के नारे
प्रदर्शन के दौरान संतों ने उग्र तेवर दिखाते हुए चंपत राय और ट्रस्ट के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. संतों ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के चढ़ावा और चंदा प्रकरण में जिम्मेदार लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है.संतों ने आरोप लगाया कि चढ़ावा प्रकरण में जिम्मेदार लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है.

वर्तमान ट्रस्ट भंग करने की मांग
विरोधी गुट के संतों ने वर्तमान राम मंदिर ट्रस्ट को तुरंत भंग कर केवल संतों का नया ट्रस्ट गठित किए जाने की मांग उठाई है.

रामायणम आश्रम में होनी थी बैठक
बताया जा रहा है कि विरोधी गुट के संतों की बैठक रामायणम आश्रम में आयोजित होनी थी. बैठक में महंत जन्मेजय शरण, संत प्रकाशानंद गिरि उर्फ कंप्यूटर बाबा, महामंडलेश्वर परमानंद गिरि समेत कई संतों के शामिल होने की बात कही गई थी.  हालांकि, संतों का आरोप है कि बैठक से पहले ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आश्रम को बंद करा दिया

1 लाख संतों की महाबैठक की चेतावनी
संतों ने ऐलान किया है कि जल्द ही देश भर से 1 लाख संतों को जुटाकर अयोध्या में एक विशाल बैठक का आयोजन किया जाएगा.

संतों का कहना है कि जिस ढंग से काम हो रहा उसमें मुख्य आरोपियों को बचाया जा रहा है.चोरी का माल न पकड़ा जाए उसकी कोशिश प्रशासन कर रहा है. एक तरफ चोर और एक तरफ भगवान है. लगता है कि जिला प्रशासन चोरों का साथ दे रहा है.देश में अलख जगाएंगे. संत मर मिटेगा और अपना आंदोलन चलाएगा. खासकर पूरे यूपी में हर जिले में अपनी बात रखेंगे. अभी तो केवल छोटे कर्मचारी को फंसाया गया है.संतों का कहना है कि अयोध्या की धरती पर हम लोगों को जेल की तरह बंद कर दिया गया. हम संत लोगों को बैठक नहीं करने दी जा रही है. हम जन जन आंदोलन करेंगे.

आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
प्रशासन और पुलिस की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है.

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