काठमांडू। तिब्बत से आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचाई है। भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से टिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाके में कई घरों को नुकसान पहुंचा है।

बाढ़ की चपेट में रसुवा का एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट भी आ गया और वह बह गया। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, अब तक 19 लोगों की मौत की खबर है।

बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। नेपाल के पर्यटन विभाग के मुताबिक, 384 लोगों का पता नहीं चल रहा है। इनमें 291 विदेशी पर्यटक हैं जिसमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। लापता भारतीयों में ज्यादातर तिब्बत में कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए जा रहे थे।





भारतीय दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
भारतीय नागरिकों की मदद और जानकारी के लिए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने आपातकालीन नंबर जारी किए हैं। प्रभावित लोग +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 पर संपर्क कर सकते हैं।
नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने भी मदद के लिए टोल-फ्री नंबर 1234, हॉटलाइन 1144 और टूरिस्ट पुलिस नंबर 9851289445 जारी किया है।
PM मोदी बोले- भारत हर संभव मानवीय मदद देने को तैयार
नेपाल में बाढ़ से हुई जनहानि पर प्रधानमंत्री मोदी ने दुख जताया है। उन्होंने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात कर बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में भारत नेपाल के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है।





