नई दिल्ली । देशभर में एनडीए शासन के खिलाफ तैयार हुए विपक्षी दलों के गठबंधन- ‘इंडिया’ की बहुप्रतीक्षित बैठक सोमवार (8 जून) को होनी है। इस बैठक में केंद्र की राजनीति में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के साथ अलग-अलग राज्यों के कई दलों के शामिल होने की संभावना है। हालांकि, पिछली सभी बैठकों के मुकाबले इस बार बैठक का स्वरूप कुछ अलग दिखना तय माना जा रहा है। दरअसल, एक के बाद एक लगातार चुनाव नतीजों और सत्ता परिवर्तन की वजह से कई विपक्षी दल एक-दूसरे के ही खिलाफ नजर आने लगे हैं। ऐसे में बीते वर्षों में हुई इंडिया गठबंधन की पार्टियों की मुलाकात और चर्चा दोनों में ही परिवर्तन संभव है।
आइये जानते हैं कि सोमवार को होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक कहां आयोजित होगी? इनमें कौन से दलों की उपस्थिति की संभावना है? इनके कौन से नेता बैठक में पहुंच सकते हैं? इसके अलावा इस बार कौन से दलों ने इस विपक्षी गठबंधन से दूरी बनाने का पहले ही एलान किया है? इस बार बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है? इंडिया गठबंधन की पिछली बैठकें कब-कहां हुई थीं और इनमें किन मुद्दों पर चर्चा हुई थी? आइये जानते हैं…
कहां आयोजित होने वाली है 8 जून की बैठक?
8 जून 2026 को होने वाली विपक्षी गठबंधन की बैठक नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित होने वाली है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश के मुताबिक, यह इंडिया ‘जनबंधन’ बैठक दोपहर 12 बजे शुरू होगी।
कितने और कौन-कौन से दलों के इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल होने की संभावना?
कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि 15 विपक्षी दलों ने इस बैठक में भाग लेने के संकेत दिए हैं। हालांकि, कांग्रेस के मुताबिक, 23 राजनीतिक दलों ने विपक्षी गठबंधन की बैठक में शामिल होने की पुष्टि कर दी है। इनमें तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी), झारखंड मुक्ति मोर्चा, नेशनल कॉन्फ्रेंस, माकपा, पीडीपी, राजद, भाकपा, टीवीके जैसे प्रमुख दल शामिल हैं। इसके अलावा कुछ अन्य छोटे दलों जैसे- भाकपा-माले, आरएसपी, वीसीके, एमडीएमके, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक, असम जातीय परिषद समेत कई और दलों ने इस बैठक में शामिल होने के संकेत दिए हैं।
कौन-कौन से नेता इंडिया की बैठक में जुट सकते हैं?
इस बैठक में कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी, उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी; सपा प्रमुख अखिलेश यादव, शिवसेना-यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, लेफ्ट के जॉन ब्रिटास और पीडीपी की महबूबा मुफ्ती समेत कई बड़े नेता जुट सकते हैं।
कौन से दलों ने बैठक से दूरी बनाने के दिए संकेत?
द्रविड़ मुनेत्र कझगम (द्रमुक): द्रमुक ने आधिकारिक तौर पर इस बैठक का बहिष्कार करने की घोषणा की है। इसका मुख्य कारण हाल ही में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस की तरफ से अभिनेता विजय की नवगठित पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) को सरकार बनाने के लिए अपना समर्थन देना है। द्रमुक ने इसे अपने दशकों पुराने गठबंधन के साथ कांग्रेस का धोखा और पीठ में छुरा घोंपना करार दिया है। पार्टी का कहना है कि उनके कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं, इसलिए वे किसी भी ऐसी बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे जिसमें कांग्रेस शामिल हो रही हो।
आम आदमी पार्टी (आप): आम आदमी पार्टी ने सार्वजनिक रूप से खुद को इस गठबंधन से दूर कर लिया है और इस बैठक में उनके शामिल होने की कोई संभावना नहीं है। आप ने पहले ही यह कहते हुए इंडिया गठबंधन छोड़ दिया था कि यह गठबंधन केवल 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए ही बनाया गया था।
पहले मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने कांग्रेस के हालिया फैसलों और कार्यशैली से नाराजगी जताई थी। माकपा केरल में कांग्रेस की ओर से उनके नेताओं पर लगाए गए आरोपों से खफा है, जबकि झामुमो झारखंड में राज्यसभा उम्मीदवार की एकतरफा घोषणा से असंतुष्ट है। हालांकि, इन दलों ने बैठक का बहिष्कार नहीं किया और इनके प्रतिनिधि इस बैठक में शामिल हो सकते हैं।
इस बार बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है?
2029 लोकसभा चुनावों की तैयारी और भविष्य की रणनीति: इस बैठक में 2029 के लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए गठबंधन की आगे की दिशा और संयुक्त रणनीति पर गहराई से विचार-विमर्श किया जाएगा।
राष्ट्रीय मुद्दों पर मोदी सरकार को घेरना: भाजपा-नीत एनडीए सरकार के खिलाफ एक मजबूत रणनीति तैयार करने पर चर्चा की भी संभावना है। इसके तहत जिन प्रमुख जन-मुद्दों को उठाया जाएगा, उनमें नीट परीक्षा का विवाद, सीबीएसई परीक्षाओं से जुड़ी चिंताएं, बेरोजगारी और बढ़ती महंगाई मुख्य रूप से शामिल हैं।
इंडिया गठबंधन की पिछली प्रमुख बैठकें कब-कहां हुई थीं?
पहली बैठक: पटना (बिहार)
तारीख: 23 जून 2023
मेजबान: नीतीश कुमार (बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री)
मुख्य बिंदु: इस शुरुआती बैठक में करीब 15 विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए थे। इसका मुख्य उद्देश्य 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ एक साझा मंच तैयार करने की नींव रखना था।
दूसरी बैठक: बंगलूरू (कर्नाटक)
तारीख: 17-18 जुलाई 2023
मेजबान: कांग्रेस (मल्लिकार्जुन खरगे और सोनिया गांधी)
मुख्य बिंदु: इस बैठक में 26 दल शामिल हुए। सबसे खास बात यह रही कि इसी बैठक में विपक्षी मोर्चे का नाम इंडिया (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) तय किया गया और जीतेगा भारत का नारा दिया गया।
तीसरी बैठक: मुंबई (महाराष्ट्र)
तारीख: 31 अगस्त – 1 सितंबर 2023
मेजबान: शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे
मुख्य बिंदु: इसमें 28 दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। चुनाव साझा तौर पर लड़ने के लिए एक 14-सदस्यीय समन्वय समिति और अभियान, मीडिया व सोशल मीडिया के लिए अलग-अलग कमेटियों का गठन किया गया था।
चौथी बैठक: नई दिल्ली
तारीख: 19 दिसंबर 2023
स्थान: अशोका होटल, नई दिल्ली
मुख्य बिंदु: इस बैठक में सीटों के बंटवारे को जल्द अंतिम रूप देने पर चर्चा हुई। इसी बैठक में ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल ने पीएम चेहरे के तौर पर मल्लिकार्जुन खरगे के नाम का प्रस्ताव रखा था।
पांचवीं बैठक: वर्चुअल (ऑनलाइन)
तारीख: 13 जनवरी 2024
माध्यम: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग
मुख्य बिंदु: इस डिजिटल बैठक में गठबंधन के संयोजकों और सीट शेयरिंग के फॉर्मूले पर चर्चा की गई। इस बैठक में खरगे को इंडिया का मुख्य संयोजक बनाया गया। बताया जाता है कि गठबंधन की धीमी रफ्तार और अपने लिए भूमिका को इसके कुछ समय बाद ही नीतीश कुमार गठबंधन से अलग होकर एनडीए में शामिल हो गए थे।
छठी बैठक: नई दिल्ली
तारीख: 1 जून 2024
मेजबान: मल्लिकार्जुन खरगे (कांग्रेस अध्यक्ष के आवास पर)
मुख्य बिंदु: लोकसभा चुनाव 2024 के आखिरी चरण के मतदान के दिन यह बैठक बुलाई गई थी, जिसमें मतदान के रुख, नतीजों के आकलन और चुनाव के बाद की रणनीति पर चर्चा की गई।




