रायपुर। प्रदेश में मौसम ने करवट ले ली है। आगामी 24 घंटों के दौरान और बदलाव आ सकते हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि एक-दो स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। रायपुर सहित कई जिलों में गरज-चमक, वज्रपात, हल्की से मध्यम बारिश और ओलावृष्टि होने के आसार बने हैं।
लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, खासकर खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने को कहा है। किसानों को भी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने की हिदायत दी गई है। वर्तमान में अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.2 डिग्री कम है। जबकि न्यूनतम तापमान 24.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.8 डिग्री अधिक है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मध्य प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण और उससे जुड़ी द्रोणिका के प्रभाव से प्रदेश में यह बदलाव देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री की गिरावट और फिर दो से चार डिग्री की वृद्धि की संभावना जताई गई है। रायपुर शहर में 19 मार्च को आंशिक मेघमय आकाश के साथ गरज-चमक और बारिश के आसार बने रहेंगे।
बारिश का अलर्ट, कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि दर्ज
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा और ओलावृष्टि दर्ज की गई। देवभोग में पांच, करपावंद में चार और देवकर में दो सेमी. बारिश रिकॉर्ड की गई। दुर्ग में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री और सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री दर्ज किया गया। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश में मौसम का असर अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्न रूप में देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार 19 मार्च को रायपुर में आकाश आंशिक रूप से मेघमय रहेगा। गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। सुबह 6:10 बजे सूर्योदय और शाम 6:15 बजे सूर्यास्त होगा। मौसम में इस बदलाव के चलते लोगों को दिन और रात के तापमान में अंतर का अनुभव होगा, जिससे स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है।
देर रात आए तेज हवा-तूफान से मार्ग बाधित
भांसोज बस स्टैंड जाने वाले मुख्य मार्ग पर देर रात आई तेज हवा और तूफान के कारण एक बड़ा पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। पेड़ गिरने के साथ ही बिजली के तार (वायर) भी टूटकर सड़क पर फैल गए, जिससे क्षेत्र में खतरे की स्थिति बन गई है।
घटना के बाद सुबह जब लोग इस मार्ग से गुजरने लगे, तो उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क पर गिरे पेड़ और झूलते बिजली तारों के कारण रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि तेज आंधी और बारिश के कारण यह हादसा हुआ।



