1,700 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां कुर्क
सूत्रों ने बताया कि ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के मुख्य प्रमोटरों में से एक सौरभ चंद्राकर से जुड़ी संस्थाओं की लगभग 1,700 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां कुर्क की हैं। ये संपत्तियां दिल्ली और यूएई में हैं। कुल 18 संपत्तियों को कुर्क किया गया है। इन संपत्तियों में दुबई हिल्स एस्टेट (जिसमें हिल्स व्यू, फेयरवे रेजिडेंसी और सिदरा शामिल हैं) के कीमती लक्जरी विला और अपार्टमेंट शामिल हैं। इसके साथ ही बिजनेस बे और SLS होटल एंड रेजिडेंस के कई आलीशान अपार्टमेंट और बुर्ज खलीफा में स्थित अपार्टमेंट भी कुर्क किया गया है।
ईडी के रायपुर दफ्तर ने जारी किया था आदेश
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत एक अंतरिम आदेश जारी किया है। इसी के तहत कई विला और महंगे घर कुर्क किए गए हैं। इनमें से कुछ संपत्तियां दुबई स्थित दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा में भी हैं।
प्रत्यर्पण की कोशिश में सरकार
सूत्रों ने बताया कि कुर्क संपत्तियां सौरभ चंद्राकर, उससे जुड़ी कंपनियों और उसके सहयोगियों से संबंधित हैं। महादेव ऐप का प्रचार सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने किया था। दोनों ही छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। भारत सरकार इन दोनों आरोपियों के प्रत्यर्पण पर काम कर रही है। सौरभ चंद्राकर के बारे में अंतिम अपडेट यह था कि वह संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE में है। सौरभ चंद्राकर का कथित सहयोगी रवि उप्पल के बारे में लास्ट अपडेट यह था कि वह यूएई से भागकर वानुअतु चला गया है।
लोगों से धोखाधड़ी का आरोप
इस मामले में सौरभ चंद्राकर और अन्य लोगों पर गंभीर आरोप हैं। सौरभ चंद्राकर एवं अन्य पर आरोप हैं कि उन्होंने महादेव ऐप के जरिए लोगों से धोखाधड़ी की। बताया जाता है कि महादेव ऐप को कई गैर-कानूनी बेटिंग वेबसाइटों या मोबाइल ऐप्स को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया था ताकि ग्राहक जुटा कर गैर-कानूनी सट्टा खेलों को संभाल सकें।


