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अमेरिका ने ईरान पर किए हवाई हमले, ईरान ने जवाबी हमले में एयरबेस को निशाना बनाया

तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका ने कहा कि हमने ईरान के गोरुक और केश्म द्वीप पर रडार और ड्रोन कंट्रोल साइट्स को निशाना बनाया। यह हमला आत्मरक्षा में किया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया है कि यह कार्रवाई ईरान की आक्रामक गतिविधियों के जवाब में की गई। अमेरिका ने आरोप लगाया कि ईरान ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक अमेरिकी MQ1 ड्रोन को गिराया था।

CENTCOM के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और दो ड्रोन को नष्ट किया। अमेरिका का दावा है कि ये ड्रोन क्षेत्रीय समुद्री रास्तों से गुजर रहे जहाजों के लिए सीधा खतरा बन रहे थे।

दूसरी तरफ, ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि हमने उस एयरबेस को निशाना बनाया, जिसका इस्तेमाल सीरिक द्वीप के पास अमेरिकी ऑपरेशन में हुआ था। IRGC का कहना है कि ये हमला सीरिक द्वीप पर टेलीकॉम टावर पर हुए अमेरिकी हमले के जवाब में किया गया। हालांकि, ईरान ने उस एयरबेस की लोकेशन नहीं बताई।

वहीं, ‘ईरान इंटरनेशनल’ की रिपोर्ट में दावा किया गया कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने इस्तीफा दे दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक पजशकियान ने आरोप लगाया कि देश की सत्ता पर अब पूरी तरह IRGC के कमांडरों का कंट्रोल में है। हालांकि, प्रेसिडेंट कार्यालय के संचार और सूचना प्रसार विभाग के डिप्टी चीफ सैयद मेहदी तबातबाई ने इस दावे को अफवाह बताते हुए खारिज कर दिया।

रिपोर्ट- ईरान ने मिसाइल सुरंगों के 50 रास्ते फिर खोले

ईरान ने अपने दबे हुए अंडरग्राउंड मिसाइल ठिकानों के 50 सुरंगी रास्तों को फिर से खोल दिया है। CNN की सैटेलाइट इमेज के मुताबिक अमेरिका और इजराइल ने 18 अंडरग्राउंड मिसाइल फैसिलिटी के 69 टनल एंट्री पॉइंट्स पर हमले किए थे। इन ठिकानों में 1000 से ज्यादा मिसाइलें होने का अनुमान है।

CNN के मुताबिक, कई इलाकों में बड़े स्तर पर खुदाई और मलबा हटाने का काम देखा गया। इसके लिए बुलडोजर, लोडर और डंप ट्रकों का इस्तेमाल किया गया ताकि भूमिगत ठिकानों तक दोबारा पहुंच बनाई जा सके।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर हालात बिगड़े तो ईरान, इजराइल और दूसरे मिडिल ईस्ट देशों पर ज्यादा संख्या में लॉन्ग-रेंज मिसाइल दाग सकता है।

ईरान बोला- अंतिम समझौते की बातें सिर्फ अटकलें

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि बातचीत अभी जारी है और किसी अंतिम समझौते की खबरें सिर्फ अटकलें हैं।

ईरान का कहना है कि अब तक किसी अंतिम दस्तावेज पर सहमति नहीं बनी है।

ट्रम्प बोले- ईरान समझौता चाहता है, सब ठीक होगा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान समझौता करना चाहता है और यह अमेरिका व उसके सहयोगियों के लिए अच्छा सौदा होगा।

ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट में विपक्षी डेमोक्रेट्स और कुछ रिपब्लिकन नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि लगातार बयानबाजी से बातचीत मुश्किल हो जाती है।

उन्होंने लिखा, “कुछ लोग कहते हैं जल्दी करो, कुछ कहते हैं धीरे चलो, कुछ युद्ध की बात करते हैं और कुछ उसके खिलाफ बोलते हैं। इससे बातचीत करना और मुश्किल हो जाता है।”

ट्रम्प ने लोगों से शांत रहने की अपील करते हुए कहा, “बस आराम से बैठिए, आखिर में सब अच्छा होगा। हमेशा होता है।”

ईरान-अमेरिका के बीच 4 मुद्दों पर बातचीत हो रही

ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सदस्य इस्माइल कौसरी ने कहा कि ईरान, अमेरिका के साथ फिलहाल चार प्रमुख मुद्दों पर बातचीत कर रहा है।

इनमें शामिल हैं-

1. भविष्य में फिर से युद्ध न होने की गारंटी

2. युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा

3. अमेरिकी फोर्स की होर्मुज से वापसी

4. ईरान पर लगाए गए नौसैनिक प्रतिबंधों को हटाना

कौसरी ने यह भी दावा किया कि दुनिया के कई देशों ने होर्मुज पर ईरान के कंट्रोल को स्वीकार कर लिया है। हालांकि युद्ध खत्म करने को लेकर अमेरिका से किसी ठोस नतीजे की उम्मीद नहीं है।

कौसरी ने यह भी दावा किया कि परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा अब अमेरिका के साथ चल रही बातचीत के एजेंडे से हटा दिया गया है।

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