नई दिल्ली। राम मंदिर में चंदा चोरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज SIT जांच के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने SIT के हवाले से बताया कि सीसीटीवी फुटेज में दिखा है कि 105 बार चंदा चोरी की घटना हुई. SIT की स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने पढ़ी. इस दौरान अदालत को बताया गया कि अब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है और चंदा चोरी के क्या सबूत मिले हैं. उपलब्ध सबूतों को अदालत के समक्ष रखा भी गया. अदालत को सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और सबूतों की जानकारी दी गई. स्टेटस रिपोर्ट में बताया गया है कि आरोपियों की पहचान करने के लिए CCTV फुटेज और दूसरे मटीरियल का एनालिसिस कैसे किया गया है.
कोर्ट ने पूरी जानकारी को अपने रिकॉर्ड में लिया है. स्टेटस रिपोर्ट में आगे बताया गया कि कीमती सामान की रसीद एक सॉफ्टवेयर से बनती है और उन्हें SBI लॉकर में रखा जाता है. SIT की स्टेटस रिपोर्ट में बताया गया कि CCTV फुटेज में चंदा चोरी की 105 घटनाएं सामने आईं हैं. इसके अलावा सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि एसआईटी की जांच लगभग पूरी हो चुकी है और 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी. इस बीच अदालत ने कहा कि मजिस्ट्रेट को कानून के मुताबिक चार्जशीट पर फैसला करने का आदेश दिया.
इस दौरान अदालत में याचिकाकर्ताओं ने SIT की रिपोर्ट भी मांगी. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया. चीफ जस्टिस की बेंच ने कहा कि हम सेशन जज से मामला अपने हाथ में नहीं लेना चाहते. अगर हमें लगा कि आगे जांच की ज़रूरत है तो हम ऑर्डर पास करेंगे. बता दें कि राम मंदिर में चंदा चोरी के मामले ने इतना तूल पकड़ लिया था कि ट्रस्ट से चंपत राय और अनिल मिश्रा को विदा किया गया है. इसके अलावा ट्रस्ट में अब सीईओ वाली व्यवस्था लागू की गई है और पूर्व सैन्य अधिकारी जितेंद्र मिश्रा को सीईओ बनाया गया है. उनका कहना है कि हम व्यवस्था में बदलाव करेंगे और जो कुछ भी होगा, वह पहले से बेहतर होगा.
UP सरकार ने बताया- 90 दिन का वक्त हो रहा पूरा, चार्जशीट फाइल करनी होगी
यूपी सरकार का पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि पहली गिरफ्तारी को 90 दिन का वक्त होने वाला है. उन्होंने कहा कि 25 सितंबर को यह अवधि पूरी हो रही है और तब तक चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी. यदि ऐसा नहीं हो पाया तो फिर गिरफ्तार आरोपियों को स्वत: बेल मिल जाएगी. इसलिए हम दो दिन के अंदर ही चार्जशीट फाइल करने वाले हैं.




