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आज से शुरू होगा महिला क्रिकेट का महासंग्राम, ओपनिंग सेरेमनी में कौन बिखेरेगा जलवा?

बर्मिंघम। आज से इंग्लैंड की मेजबानी में महिला टी20 विश्व कप 2026 का आगाज होने जा रहा है। इस बार टूर्नामेंट में कुल 12 टीमें हिस्सा ले रही हैं। सभी टीमों को छह-छह के दो ग्रुप में बांटा गया है।  ग्रुप 1 में ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, भारत, नीदरलैंड, पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका हैं। वहीं, ग्रुप 2 में इंग्लैंड, आयरलैंड, न्यूजीलैंड, स्कॉटलैंड, श्रीलंका और वेस्टइंडीज हैं। पहला मुकाबला इंग्लैंड और श्रीलंका की महिला टीमों के बीच बर्मिंघम में खेला जाएगा। इससे पहले ग्रैंड ओपनिंग सेरेमनी होगी।

भारतीय महिला टीम ने अब तक कभी टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम नहीं किया है, लेकिन वह इस बार प्रबल दावेदार के रूप में उतरेगी। भारत अपने अभियान की शुरुआत 14 जून को पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले मैच से करेगा। भारत, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीम आईसीसी टी20 महिला विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के पारंपरिक दबदबे को चुनौती दे सकती हैं।

टूर्नामेंट में दिखेगी कड़ी प्रतिस्पर्धा

  • पिछले नौ में से छह टूर्नामेंट जीतने वाली ऑस्ट्रेलिया की टीम सातवां खिताब जीतने को बेताब होगी लेकिन अब यह काम आसान नहीं रह गया है।
  • गत चैंपियन न्यूजीलैंड की टीम भी काफी मजबूत है और फिर भारत भी है जिसने पिछले साल 50 ओवर के विश्व कप के रूप में अपना पहला वैश्विक खिताब जीता था।
  • घरेलू परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले इंग्लैंड और पिछली तीन आईसीसी प्रतियोगिताओं के फाइनल में पहुंचे दक्षिण अफ्रीका को भी हल्के में नहीं लिया जा सकता।
  • इस लिहाज से इंग्लैंड और श्रीलंका के बीच मुकाबले से शुरू हो रहा विश्व कप अब तक का सबसे प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट होगा।
  • यह 2009 में हुए पहले सत्र के बाद से ब्रिटेन में होने वाला पहला विश्व कप भी है।

पहले से कहीं अधिक बड़ा और रोमांचक होगा टूर्नामेंट

यह भाग लेने वाली टीम की संख्या (12) के हिसाब से भी सबसे बड़ा है जिसमें 2024 की तुलना में आयरलैंड और नीदरलैंड भी शामिल हो गए हैं। यह विस्तार इस बात का संकेत है कि महिला क्रिकेट दुनिया भर में मजबूत हो रहा है, लेकिन इससे भी अधिक खुशी की बात है कि सभी टीम को बराबरी का मौका मिल रहा है और नई प्रतिभाएं सामने आ रही हैं।

इंग्लैंड के पास ऐलिस कैप्सी, टिली कोर्टीन-कोलमैन और फ्रेया कैम्प जैसी युवा खिलाड़ी हैं, जबकि श्रीलंका की टीम में विश्मी गुणरत्ने, इमेशा दुलानी, कविशा दिलहारी और काव्या काविंदी जैसी खिलाड़ी शामिल हैं। न्यूजीलैंड की कप्तान अमेलिया केर 25 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय सर्किट की सबसे युवा कप्तानों में से एक हैं। उनकी 2020-21 सत्र के दौरान अवसास और आत्महत्या के विचारों से उबरने की उनकी कहानी भी बहुत प्रेरणादायक है।

मजबूत दावेदार भारत की टीम में एन श्री चरणी, यस्तिका भाटिया और नंदनी शर्मा जैसी युवा खिलाड़ी हैं। ऑस्ट्रेलियाई टीम अब भी खिताब जीतने के लिए अपने अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा कर रही है लेकिन उनकी टीम में बल्लेबाज जॉर्जिया वोल और बाएं हाथ की तेज गेंदबाजी लूसी हैमिल्टन के रूप में दो बेहतरीन युवा स्टार भी हैं। लॉरा वोलवार्ट की कप्तानी वाली दक्षिण अफ्रीका की टीम को कायला रेनेके और एनेरी डर्कसेन जैसे नए खिलाड़ियों की पीढ़ी आगे बढ़ रही है, जबकि अनुभवी तेज गेंदबाज शबनिम इस्माइल और डैन वैन नीकर्क को संन्यास से वापस बुलाया गया है।

नई खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी नजर

इन नई खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सभी की नजरें रहेगी क्योंकि उन पर उन शानदार खिलाड़ियों की विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है जो अपने शानदार करियर के आखिरी पड़ाव पर हैं। वर्ष 2017 के बाद पहली बार आईसीसी खिताब के बिना उतर रहे ऑस्ट्रेलिया का दबदबा अब भी कायम है और उन्हें हराना सबसे बड़ी चुनौती होगी। कई अनुभवी खिलाड़ी ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा हैं जिनमें बेथ मूनी, ताहलिया मैकग्रा, एलिस पैरी, एश्ले गार्डनर, किम गार्थ, एनाबेल सदरलैंड और मेगन शूट जैसी सीमित ओवरों की दिग्गज शामिल हैं।

ऑस्ट्रेलिया को चुनौती देगा भारत

ऑस्ट्रेलिया के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा भारत होगा जो अब सीमित ओवरों के क्रिकेट में एक मजबूत और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीम बन गई है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम ऑस्ट्रेलिया की तरह ही एक ही समय में 50 ओवर और टी20 विश्व कप जीतने वाली दूसरी टीम बनने की कोशिश करेगी। रेणुका सिंह और क्रांति गौड़ जैसी तेज गेंदबाजों, दीप्ति शर्मा जैसी अनुभवी ऑलराउंडर और बहुत मजबूत बल्लेबाजी क्रम के साथ टीम के पास सात महीने से भी कम समय में एक और विश्व खिताब जीतने का अच्छा मौका है। श्रीलंका, वेस्टइंडीज और नई टीम आयरलैंड पर उम्मीदों का बोझ नहीं है और इससे उन्हें बिना किसी डर के मजबूत टीमों का सामना करने की प्रेरणा मिल सकती है। किसी कमजोर मानी जाने वाली टीम का शानदार प्रदर्शन इस टूर्नामेंट के प्रतिस्पर्धी माहौल के लिए भी बिल्कुल सही रहेगा।

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