वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर होने वाले एक बड़े सैन्य हमले को फिलहाल के लिए टाल दिया है। यह हमला मंगलवार के लिए तय किया गया था, लेकिन आखिरी वक्त में खाड़ी देशों के सहयोगी नेताओं की अपील के बाद इसे रोक दिया गया है।
सोमवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभी दोनों पक्षों के बीच गंभीर बातचीत चल रही है, इसलिए उन्होंने मंगलवार को ईरान पर होने वाले सैन्य हमले को रोक दिया है। इससे पहले उन्होंने ईरान को खुली चेतावनी दी थी कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ, तो कमजोर पड़ चुके युद्धविराम के बाद फिर से भीषण लड़ाई शुरू हो जाएगी।
ट्रंप ने अमेरिकी सेना को क्या सख्त निर्देश दिए थे?
इस योजनाबद्ध हमले के बारे में ज्यादा जानकारी तो नहीं दी गई, लेकिन राष्ट्रपति ने साफ कहा कि उन्होंने अपनी सेना को पूरी तरह तैयार रहने को कहा है। अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति ट्रंप ने सैन्य अधिकारियों को निर्देश दिया था कि अगर ईरान के साथ कोई स्वीकार करने लायक समझौता नहीं होता है, तो पल भर के नोटिस पर ईरान पर पूरी ताकत के साथ एक बड़ा हमला करने के लिए तैयार रहें। यह बयान दिखाता है कि अमेरिका पूरी तरह से हमले के मूड में था।
ईरान पर हमले का प्लान अचानक क्यों रोका गया?
इससे पहले यह किसी को नहीं पता था कि 19 मई (मंगलवार) को ईरान पर हमले की कोई योजना है। सोशल मीडिया पोस्ट में अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि उन्होंने यह हमला मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) के अपने सहयोगी देशों की खास गुजारिश पर रोका है। इन सहयोगी देशों में कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बड़े नेता शामिल हैं। इन्हीं देशों के कहने पर फिलहाल हमले का इरादा टाल दिया गया है।
ट्रंप ने सप्ताहांत पर ईरान को क्या खुली चेतावनी दी थी?
हमला टालने से ठीक पहले सप्ताहांत (वीकेंड) पर अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को बहुत ही कड़े शब्दों में चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि ईरान के लिए अब समय बहुत तेजी से खत्म हो रहा है। उन्होंने साफ कहा था कि ईरान को जल्दी से जल्दी कोई कदम उठाना चाहिए, वरना उनका नामोनिशान मिट जाएगा और वहां कुछ भी नहीं बचेगा। वे हफ्तों से धमकी दे रहे हैं कि अप्रैल के मध्य में हुआ युद्धविराम कभी भी खत्म हो सकता है।




