तेहरान। ईरान ने कहा कि अमेरिका के साथ शांति समझौते का एक मसौदा तैयार हुआ है, जिससे होर्मुज जलमार्ग में जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो सकती है और समुद्री नाकाबंदी खत्म हो सकती है। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने यह जानकारी दी।
मसौदे में क्या है?
इसने कहा, अमेरिका ने कथित तौर पर वादा किया है कि वह ईरान के आसपास से अपनी सैन्य ताकत को हटाएगा। लेकिन इसमें यह शामिल होगा या नहीं कि वह क्षेत्र में भेजी गई सेनाएं हटाएगा या वहां के सैन्य ठिकानों पर मौजूद सैनिक भी हटाएगा, इस पर आगे बातचीत होगी।
रिपोर्ट में आगे कहा गया, अगर 60 दिनों के अंदर अंतिम समझौता हो जाता है, तो इस समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एक बाध्यकारी (कानूनी रूप से मानने योग्य) प्रस्ताव के रूप में मंजूरी दी जाएगी।
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम के दौरान भी पहले कई बार तनावपूर्ण घटनाएं हो चुकी हैं। मई की शुरुआत में भी अमेरिकी सेना ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया था। उस समय अमेरिका ने आरोप लगाया था कि ईरान ने उसके युद्धपोतों पर मिसाइल, ड्रोन और छोटी नौकाओं से हमला करने की कोशिश की थी।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। यहां किसी भी सैन्य गतिविधि का असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पड़ता है। यही वजह है कि अमेरिका इस क्षेत्र में लगातार सैन्य निगरानी बनाए हुए है।
यूरेनियम पर ट्रंप का बयान
ट्रंप ने संकेत दिए कि दोनों देशों के बीच परमाणु समझौते को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बातचीत ‘अच्छे तरीके से’ चल रही है। वहीं, ईरान ने भी माना है कि कई मुद्दों पर सहमति बनी है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों के बार-बार बदलते रुख से बातचीत जटिल हो रही है।




