रायपुर।. प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। अब सीबीएसई से संबद्ध निजी स्कूलों में केवल एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों से ही पढ़ाई कराना अनिवार्य होगा। अभिभावकों और छात्रों पर निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें, वर्कबुक या विशेष दुकानों से सामग्री खरीदने का दबाव बनाने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि कक्षा 1 से 8 तक शिक्षा के अधिकार कानून के तहत केवल एनसीईआरटी पुस्तकें ही लागू होंगी, ताकि पालकों पर अतिरिक्त खर्च का दबाव न पड़े। वहीं 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को भी किसी विशेष दुकान से किताबें, यूनिफॉर्म या स्टेशनरी खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकेगा।
शासन ने जिलों में शिकायतों के निपटारे के लिए पारदर्शी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश भी दिए हैं। किसी निजी स्कूल द्वारा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



