Home » छत्तीसगढ़ » छत्तीसगढ़: प्रदेश में आंधी-बारिश का अलर्ट, कई जिलों में 50 से 60 किमी रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

छत्तीसगढ़: प्रदेश में आंधी-बारिश का अलर्ट, कई जिलों में 50 से 60 किमी रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बस्तर समेत कई इलाकों में प्री मानसून बारिश शुरू हो गई है. राजधानी रायपुर को अभी राहत देने वाली बारिश का इंतजार है. मध्य इलाके- बिलासपुर, दुर्ग और राजनांदगांव को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है. इन क्षेत्रों में 42 डिग्री के करीब तापमान दर्ज हो रहा है. मौसम विभाग ने संभावना जताई कि प्रदेश में अगले 5 दिनों तक एक-दो स्थानों पर मेघगर्जन की गतिविधि के साथ तेज हवा, वज्रपात और वर्षा जारी रहेगी. रायपुर समेत कई जिलों में आज बादल छाए रहने, गरज-चमक, बारिश और धूलभरी आंधी के आसार हैं. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. बिजली गिरने और आंधी के साथ बारिश की भी संभावना जताई गई है.

बिलासपुर में सबसे अधिक तापमान दर्ज

मौसम विभाग ने बताया कि पिछले 24 घंटों में एक दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई. इस दौरान सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान बिलासपुर में 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं सबसे कम न्यूनतन तापमान 23.4 पेंड्रा रोड में दर्ज हुआ.

रायपुर में आज ऐसा रहेगा मौसम ?

रायपुर में शनिवार को मौसम विभाग ने आसमान में बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है. हालांकि अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

इन इलाकों में हुई बारिश

जानकारी के अनुसार प्रदेश के ओडगी में 5 सेंटीमीटर, कुआकोंडा में 4 सेंटीमीटर, बड़े बचेली में 3 सेंटीमीटर, सुकमा, बलरामपुर, तोंगपाल, कांसाबेल, मनोरा में 2-2 सेंटीमीटर बारिश हुई है. चिरमिरी, गादीरास, छिंदगढ़ में भी बारिश हुई. मौसम विज्ञानी एच.पी. चंद्रा ने जानकारी दी  कि छत्तीसगढ़ में लगातार नमी आ रही है. बस्तर में वर्षा भी हो रही है. मानसून के लिए तय मानकों के अनुरूप वर्षा होने और परिस्थितियों पर नजर है.

मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल हालात

मौसम विभाग के अनुसार अगले 2-3 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के मध्य अरब सागर के कुछ और हिस्सों, पूरे गोवा, महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश के कुछ हिस्सों, कर्नाटक के कुछ और हिस्सों, तमिलनाडु के शेष हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, पश्चिम-मध्य, पूर्व मध्य और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं. पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है और यह समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है.

Facebook
X
WhatsApp
Telegram