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छत्तीसगढ़ विधानसभा: सदन में आज गूंजेगा नाबालिगों से रेप-हत्या, अमानक दवाओं की खरीदी और बाघों के शिकार का मुद्दा

रायपुर । छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था, शिक्षा, रोजगार और वन विभाग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर सरकार को सदन में जवाब देना होगा। प्रश्नकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अमानक दवाओं की खरीदी पर सरकार को घेरेंगे।

वहीं, कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा प्रदेश में महिलाओं और नाबालिग बच्चियों के साथ रेप और हत्या की घटनाओं का मामला उठाएंगी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्लेसमेंट एजेंसियों के कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन, फायर स्टेशनों की सुविधा, कौशल विकास योजना के तहत रोजगार और तकनीकी विश्वविद्यालयों की परीक्षा प्रणाली से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे।

ध्यानाकर्षण में इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार और सरकारी प्रेस में प्रिंटिंग कार्य में कथित अनियमितताओं का मामला भी सदन में गूंजेगा।

भूपेश बघेल उठाएंगे अमानक दवाओं की खरीदी का मुद्दा

प्रश्नकाल की शुरुआत स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सवालों के साथ होगी। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेश में अमानक दवाओं की खरीदी का मुद्दा उठाएंगे। वे स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से पूछेंगे कि गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरने वाली दवाओं की खरीदी के मामलों में क्या कार्रवाई की गई और भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने के लिए सरकार की क्या व्यवस्था है।

इसी मुद्दे से जुड़ा एक और सवाल भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला भी उठाएंगे। वे छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (CGMSC) के जरिए दवाओं की खरीदी की प्रक्रिया और उसमें अपनाई जा रही व्यवस्था पर सरकार से जवाब मांगेंगे। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग बुधवार को सबसे ज्यादा चर्चा में रह सकता है।

रेप और हत्या के मामलों पर सरकार से जवाब मांगेगी कांग्रेस

प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा प्रदेश में महिलाओं और नाबालिग बच्चियों के साथ हुई रेप और हत्या की घटनाओं का मुद्दा उठाएंगी।

वे गृह विभाग से पूछेंगी कि पिछले वर्षों में ऐसे कितने मामले दर्ज हुए, कितने मामलों में चालान पेश हुआ, कितनों में सजा हुई और महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं। ऐसे में इस मुद्दे पर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।

गृह विभाग से जुड़े इन मुद्दों पर भी सरकार को देना होगा जवाब

उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा के विभाग से जुड़े कई सवाल भी सूचीबद्ध हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक प्लेसमेंट एजेंसियों में कार्यरत कर्मचारियों के पुलिस सत्यापन की व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांगेंगे। वहीं भाजपा विधायक सुनील सोनी प्रदेश में फायर स्टेशनों की संख्या, संसाधनों और अग्निशमन सुविधाओं को लेकर सवाल उठाएंगे।

कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा महिलाओं और नाबालिग बच्चियों के साथ रेप और हत्या की घटनाओं का मुद्दा सदन में उठाएंगी। वे सरकार से इन मामलों में दर्ज अपराध, कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जानकारी मांगेंगी।

सड़क, रोजगार और परीक्षा व्यवस्था पर भी सवाल

ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों में विधायक प्रबोध मिंज प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत स्वीकृत और निर्माणाधीन सड़कों की प्रगति पर सवाल करेंगे।

वहीं कांग्रेस विधायक विद्यावती सिदार कौशल विकास योजना के तहत युवाओं को रोजगार मिलने की स्थिति और प्लेसमेंट के आंकड़ों पर सरकार से जवाब मांगेंगी।

तकनीकी शिक्षा से जुड़े सवालों में भाजपा विधायक भावना बोहरा तकनीकी विश्वविद्यालय और इंजीनियरिंग कॉलेजों में नकलविहीन एवं पारदर्शी परीक्षा प्रणाली को लेकर मंत्री खुशवंत साहेब से जानकारी मांगेंगी।

ध्यानाकर्षण में बाघों के शिकार का मामला

प्रश्नकाल के बाद ध्यानाकर्षण प्रस्तावों में सबसे पहले नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, शेषराज हरवंश और विक्रम मंडावी इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार के मामलों को उठाएंगे। विपक्ष इस मुद्दे पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री से जवाब मांगेगा और वन्यजीव संरक्षण की व्यवस्था पर सवाल करेगा।

राजेश मूणत उठाएंगे शासकीय मुद्रणालय का मामला

पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक राजेश मूणत शासकीय मुद्रणालय में प्रिंटिंग कार्य में कथित अनियमितताओं का मामला सदन में उठाएंगे। वे इस संबंध में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग का ध्यान आकर्षित करेंगे और सरकार से कार्रवाई की जानकारी मांगेंगे।

3 नए विधेयक होंगे पेश, 4 संशोधन विधेयकों पर होगी चर्चा

प्रश्नकाल और ध्यानाकर्षण के अलावा सरकार सदन में 3 नए विधेयक भी पेश करेगी। इनमें अग्निशमन सेवा, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और कारोबार को आसान बनाने से जुड़े विधेयक शामिल हैं। इसके अलावा भाड़ा नियंत्रण, निजी विश्वविद्यालय, वैट और जीएसटी कानून में संशोधन से जुड़े 4 विधेयकों पर भी चर्चा होगी। चर्चा पूरी होने के बाद इन्हें सदन से पारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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