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छत्तीसगढ़: DMF घोटाला मामले में 5 जिलों में छापेमारी, 1 करोड़ रुपए से अधिक कैश जब्त; सबसे अधिक कैश कोरबा और धमतरी के ठिकानों से बरामद

रायपुर । छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित जिला खनिज न्यास (DMF) घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को 5 जिलों में छापेमारी की थी। अब जांच के दौरान 1 करोड़ रुपए से अधिक कैश जब्त किया गया है। यह कार्रवाई करीब 575 करोड़ रुपए के कथित DMF घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले हुई है।

ED की टीमों ने रायपुर, धमतरी, दुर्ग, कोरबा और अंबिकापुर जिले के 9 ठिकानों पर दबिश दी थी। इनमें चार आवासीय परिसर और पांच कारोबारी प्रतिष्ठान शामिल थे। बताया जा रहा है कि, छापेमारी के दौरान सबसे अधिक कैश कोरबा और धमतरी के ठिकानों से बरामद की गई है।

इन कारोबारियों की यहां हुई जांच

जानकारी के अनुसार, ED ने कारोबारी प्रकाश सालुंके, किशोर एग्रो से जुड़े कारोबारी शाश्वत लुनावत, मानसून एग्रो के प्रमोटर राकेश गुप्ता और कारोबारी दीपेश गांधी समेत कई लोगों से जुड़े परिसरों की जांच की।

राकेश गुप्ता कृषि विभाग के बड़े सप्लायर हैं। वे सरगुजा से कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष भी रहे हैं। पूर्ववर्ती भूपेश सरकार के कार्यकाल में राकेश गुप्ता के फर्म से की गई सप्लाई की जांच की हुई। इस दौरान सुरक्षा के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान भी तैनात रहे।

दस्तावेज, बैंक लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य मिले

तलाशी अभियान में ED को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैंक लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य मिलने की जानकारी सामने आई है। एजेंसी अब इन दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच कर रही है। जांच अधिकारियों का उद्देश्य कथित घोटाले की रकम के पूरे नेटवर्क और उसके लाभार्थियों का पता लगाना है।

ठेकेदारों, सप्लायरों और बिचौलियों के माध्यम से डायवर्ट की गई राशि

ED को आशंका है कि, DMF फंड में गड़बड़ी कर खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए जारी राशि को कथित तौर पर ठेकेदारों, सप्लायरों और बिचौलियों के माध्यम से डायवर्ट किया गया। जांच में सरकारी ठेके और परियोजनाओं की मंजूरी के बदले 25 से 40 प्रतिशत तक कमीशन के आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है।

जांच एजेंसी का कहना है कि, बरामद दस्तावेज और डिजिटल सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से जुड़े संदिग्धों से पूछताछ और गिरफ्तारी की संभावना भी जताई जा रही है।

पूर्व में सौम्या–रानू पर हो चुकी कार्रवाई

DMF मामले में पहले भी कई बड़े नाम जांच के दायरे में आ चुके हैं। ED और राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा ने पूर्व कोरबा कलेक्टर रानू साहू, पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया और कथित बिचौलिया सूर्यकांत तिवारी समेत कई लोगों के नाम जांच में शामिल किए हैं।

बता दें कि, साल 2024 और 2025 में भी ED ने DMF घोटाले को लेकर छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर कार्रवाई की थी। इन कार्रवाइयों में करोड़ों रुपए की संपत्तियां अटैच की गई थीं। मंगलवार की ताजा कार्रवाई को लेकर ED की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

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