तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए मंगलवार तक का समय दिया था, जो आज खत्म हो रहा है। ट्रम्प पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि अगर ईरान ने रास्ता नहीं खोला तो उसके पावर प्लांट, पुल और अन्य जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जाएगा।
उन्होंने सोमवार रात को मीडिया से कहा, ‘हमारे पास एक प्लान है। हर ब्रिज ईरान में मंगलवार रात 12 बजे तक तबाह कर दिया जाएगा। हर पावर प्लांट बिजनेस से बाहर हो जाएगा, यह कभी इस्तेमाल करने लायक नहीं बचेगा।’
उन्होंने आगे कहा, ‘यह 4 घंटे के अंदर हो सकता है, अगर हम चाहें। हम नहीं चाहते कि ऐसा हो, लेकिन पूरा देश एक रात में खत्म हो सकता है।’
ट्रम्प ने कहा कि ईरान को एक फैसला लेना ही होगा। अगर ईरान अमेरिका की शर्तें मान ले, तो युद्ध जल्दी खत्म हो सकता है। ट्रम्प ने इसके लिए ईरान को मंगलवार रात 8 बजे (अमेरिकी समयानुसार) तक का समय दिया है। भारतीय समय के अनुसार यह बुधवार सुबह (5:30 बजे) तक है।
जंग खत्म करने के बदले ईरान को गारंटी चाहिए
ईरान का कहना है कि वह इस समय हमलों से बातचीत कर रहा है। ईरानी नेताओं के मुताबिक, इस युद्ध में अब तक उन्होंने अपने देश पर हुए लगातार हमलों को सफलतापूर्वक रोका है और मजबूत स्थिति में हैं।
उनका कहना है कि देश अब भी सुरक्षित है और वह अपनी रक्षा करने में सक्षम हैं। ईरान का दावा है कि उसके पास पर्याप्त हथियार हैं और वह दुनिया की दो सबसे ताकतवर सेनाओं का मुकाबला कर रहा है, इसलिए वह खुद को बढ़त में मानता है।
ईरान चाहता है कि ऐसा समाधान निकले जिससे भविष्य में इस तरह के हमले दोबारा न हों। इसी वजह से वह सिर्फ सीजफायर नहीं, बल्कि पूरी तरह युद्ध खत्म करने की मांग कर रहा है। उनका मानना है कि सीजफायर से दुश्मन फिर से युद्ध की तैयारी कर सकता है।
इसके अलावा, ईरान होर्मुज के लिए नई व्यवस्था चाहता है, जो पहले से अलग हो। वह चाहता है कि जहाजों पर टैक्स लगाने का अधिकार उसे मिले, ताकि युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई की जा सके।
ईरान ने लंबे समय से लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने की भी मांग की है। उसका कहना है कि ये प्रतिबंध गलत थे और इन्हें खत्म किया जाना चाहिए।
ईरानी सलाहकार बोले- ट्रम्प के पास 20 घंटे बचे, सरेंडर करो या अंजाम भुगतो
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ के एक शीर्ष सलाहकार ने ट्रम्प पर तीखा हमला बोला है।
सलाहकार महदी मोहम्मदी ने कहा कि ट्रम्प के पास लगभग 20 घंटे बचे हैं, जिसमें उन्हें या तो ईरान के सामने झुकना होगा, नहीं तो उनके सहयोगियों को खत्म कर दिया जाएगा। महदी मोहम्मदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “हम पीछे नहीं हटेंगे।”
उन्होंने आगे कहा कि ईरान ने इस युद्ध को जीत लिया है और अब वह केवल ऐसे अंत को स्वीकार करेगा, जिससे उसके फायदे मजबूत हों और क्षेत्र में नई सुरक्षा व्यवस्था बने।
ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान होर्मुज को फिर से नहीं खोलता, तो अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई को और बढ़ा सकता है। इसके लिए ट्रम्प ने ईरान को मंगलवार रात 8 बजे (स्थानीय समयानुसार) तक का समय दिया है। भारतीय समय के अनुसार यह बुधवार सुबह (5:30 बजे) तक है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आज होर्मुज प्रस्ताव पर वोटिंग
होर्मुज को लेकर बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र (UN) सुरक्षा परिषद आज एक संशोधित प्रस्ताव पर वोट करेगी। इस प्रस्ताव में ईरान से कॉमर्शियल जहाजों पर हमले रोकने और आवाजाही बनाए रखने की मांग की गई है।
बहरीन और अन्य खाड़ी देशों ने पहले एक सख्त प्रस्ताव पेश किया था, जिसमें होर्मुज खोलने के लिए बल प्रयोग की अनुमति देने की बात थी। हालांकि, वीटो की आशंका के चलते इसे कमजोर कर दिया गया।
नए प्रस्ताव में अब देशों से रक्षात्मक तरीके से समन्वय कर जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की गई है। साथ ही, ईरान से कहा गया है कि वह अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग में किसी भी तरह की बाधा न डाले। प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर आगे और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।



