काठमांडू। चीन की सीमा के भीतर बनी एक बड़ी झील के फटने से नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। रसुवा जिले के प्रमुख जिला अधिकारी (सीडीओ) नरेंद्र परियार ने इस घटना की पुष्टि करते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों और नदी के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से स्थिति की गंभीरता को समझने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। चीन में ये झील उस वक्त फूटा है जब पहले ही नेपाल में दो दिन पहले बाढ़ ने भीषण तबाही मचा दी थी।
वहीं चीन ने और बाढ़ के खतरे के कारण तिब्बत में बचाव अभियान रोक दिया है। चीन की सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने तिब्बत में बचाव अभियान कुछ समय के लिए रोक दिया है। इसकी वजह एक खतरनाक भूस्खलन के बाद बनी झील से दोबारा बाढ़ आने का खतरा है। बचाव दल नेपाल-चीन सीमा के तिब्बती इलाके में लापता सैकड़ों लोगों की तलाश कर रहे थे। यह इलाका दो दिन पहले कीचड़ और पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गया था।
चीन को तिब्बत में रोकना पड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन
नेपाली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह विशाल झील चीन में चोचेन नदी और पुरेपु त्सांगपो नदी के संगम के पास बनी हुई थी जिसका बांध अचानक टूट गया है। रसुवा के सीडीओ नरेंद्र परियार ने बताया कि झील फटने की यह चेतावनी चीनी अधिकारियों की तरफ से नेपाल के साथ साझा की गई है। चूंकि इन नदियों का पानी बहकर निचले इलाकों की तरफ तेजी से आता है इसलिए सीमावर्ती क्षेत्रों में अचानक बाढ़ यानि फ्लैश फ्लड आने की काफी तेज आशंका जताई गई है। इस बांध में लाखों क्यूबिक मीटर पानी जमा है।
अधिकारी ग्यिरोंग पोर्ट के ऊपरी हिस्से में बढ़ते जलस्तर पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। यह नेपाल और तिब्बत के बीच जमीनी सीमा पार करने का रास्ता है जो बुधवार को आई आपदा में बुरी तरह तबाह हो गया था। इसके अलावा क्षेत्र में भारी बारिश से यह आशंका पैदा हो गई है कि भूस्खलन के मलबे से बनी झील अपने किनारों को तोड़ सकती है जिससे नीचे की ओर पानी का एक और उछाल आ सकता है। चीनी राज्य मीडिया ने बताया कि खतरे के कारण प्रभावित क्षेत्र में बचावकर्मियों को अस्थायी रूप से अभियान रोकने का निर्देश दिया गया है।
चीन में चोचेन नदी और पुरेपु त्सांगपो नदी के पास झील टूटा
नेपाली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस प्राकृतिक आपदा के जोखिम को देखते हुए रसुवा जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। सीडीओ नरेंद्र परियार ने स्थानीय निवासियों, खासकर नदी बेसिन के किनारे बसे गांवों के लोगों को तत्काल सावधानी बरतने या सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा है। प्रशासन की तरफ से सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करके जानमाल के नुकसान को रोका जा सके।
रसुवा जिला प्रशासन कार्यालय के असिस्टेंट चीफ डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर और इन्फ़ॉर्मेशन ऑफ़िसर ध्रुव प्रसाद अधिकारी ने बताया कि चीनी अधिकारियों ने मैसेज के जरिए नेपाली अधिकारियों को यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा ‘चीन से जानकारी मिली है कि एक झील फट सकती है। हम नेपाली पक्ष की ओर से इसकी पुष्टि नहीं कर पाए हैं।’ नेपाल पुलिस ने एक जरूरी अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि तिब्बत की ओर बना एक पानी का बांध कथित तौर पर फिर से टूट गया है। पुलिस ने बचाव दलों, सुरक्षा कर्मियों और आम लोगों से तुरंत सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की है।
यह अलर्ट ऐसे समय में जारी किया गया जब नेपाल पहले ही बुधवार को नेपाल-चीन सीमा के इलाकों में आई भयानक अचानक बाढ़ के असर से जूझ रहा था। इस बाढ़ में 478 लोगों की मौत की अभी तक पुष्टि हुई है जबकि नेपाल और तिब्बत में 1,500 से ज़्यादा लोग लापता हो गए हैं। ताज़ा चेतावनी से पानी के अचानक और तेज़ी से नीचे की ओर बहने का डर पैदा हो गया है, जबकि आपदा प्रभावित इलाके में हज़ारों सुरक्षाकर्मी और बचावकर्मी तैनात हैं।




