अंबिकापुर। सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र के अटल आवास खाल बगीचा में चोरी के संदेह में एक महिला की बेरहमी से पिटाई कर दी गई। मारपीट में महिला का एक पैर टूट गया और गंभीर चोटों के कारण इलाज के अभाव में उसकी मौत हो गई।
आरोप है कि आरोपित ने घटना को छिपाने के लिए खुद ही महिला के अंतिम संस्कार की तैयारी भी शुरू कर दी थी। पुलिस ने हत्या का अपराध दर्ज कर आरोपित को हिरासत में ले लिया है।
20 हजार रुपये चोरी करने का आरोप लगाया
जानकारी के मुताबिक अटल आवास खाल बगीचा निवासी संतोष यादव की पत्नी मानकी उर्फ संतोषी यादव (37) गुरुवार सुबह घर पर अकेली थी। पति संतोष यादव होटल में काम करने गया था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले संजय चौहान (38) ने सुबह करीब साढ़े दस बजे महिला पर 20 हजार रुपये चोरी करने का आरोप लगाया और डंडे से उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी।
पैर की हड्डी टूट गई, शरीर में गंभीर अंदरुनी चोटें आईं
मारपीट में महिला के पैर की हड्डी टूट गई और शरीर में गंभीर अंदरूनी चोटें आईं। पिटाई के बाद महिला कई घंटे तक बेहोशी की हालत में घर में पड़ी रही। उसे कोई इलाज नहीं मिल सका और उसकी मौत हो गई। मौत के बाद आरोपित खुद मृतका के पति संतोष यादव के पास होटल पहुंचा और बताया कि उसकी पत्नी बेहोश पड़ी है। संतोष जब मौके पर पहुंचा, तब तक उसकी पत्नी की मौत हो चुकी थी।
घटना को छिपाने के लिए गड्ढा भी खोद लिया था
आरोप है कि आरोपित ने अपने साथियों के साथ मिलकर घटना को छिपाने के लिए अटल आवास के पास ही अंतिम संस्कार के लिए गड्ढा भी खोद लिया था। इसकी भनक लगते ही मोहल्ले के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर थाना प्रभारी अखिलेश सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
आरोपित संजय चौहान आदतन बदमाश है
मृतका के पति संतोष यादव की शिकायत पर सीतापुर पुलिस ने आरोपित संजय चौहान के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का अपराध दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। मोहल्लेवासियों के अनुसार आरोपित संजय चौहान आदतन बदमाश है।
करीब एक माह पहले उसने छेड़छाड़ का विरोध करने पर मोहल्ले की एक विधवा महिला की पिटाई की थी। महिला ने थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
आरोपित थाने के सामने चाय का ठेला लगाता था
लोगों का कहना है कि आरोपित थाने के सामने चाय का ठेला लगाता था। पिछली शिकायत पर पुलिस ने उसे थाने बुलाकर समझाइश देकर छोड़ दिया था। लोगों का आरोप है कि उस समय सख्त कार्रवाई होती तो यह घटना टल सकती थी। फिलहाल पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।




