तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी वायुसेना का एक KC-135 स्ट्रैटोटैंकर विमान कतर के ऊपर इमरजेंसी सिग्नल देने के बाद लापता हो गया। KC-135 स्ट्रैटोटैंकर को ‘फ्लाइंग गैस स्टेशन’ कहा जाता है, क्योंकि यह हवा में अन्य सैन्य विमानों को ईंधन भरने में सक्षम है।
ईरान की फॉर्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, विमान ने उड़ान के दौरान ‘7700’ इमरजेंसी सिग्नल भेजा। यह सिग्नल तब दिया जाता है जब विमान में कोई गंभीर समस्या हो। हालांकि इसमें ईरान की किसी भी भूमिका की बात नहीं कही गई।
यह विमान UAE के अल धफरा एयर बेस से उड़ा था और फारस की खाड़ी के ऊपर उड़ रहा था। इसी दौरान कतर के पास उसका सिग्नल कुछ समय के लिए गायब हो गया। फ्लाइट डेटा के मुताबिक, विमान कुछ देर तक आसमान में चक्कर लगाता रहा और फिर नीचे उतरने लगा।
अभी तक यह साफ नहीं है कि विमान में क्या खराबी आई थी। यह भी नहीं पता कि यह कोई तकनीकी समस्या थी या कुछ और। अमेरिका ने इसे लेकर जानकारी शेयर नहीं की है।
ईरान बोला- अमेरिका ने होर्मुज में जो नया रास्ता बताया वो सुरक्षित नहीं
ईरान ने कहा कि अमेरिका ने होर्मुज में जो नया समुद्री रास्ता बताया जा रहा है, वह सुरक्षित नहीं है। यह रास्ता पत्थरों से भरा हुआ और उथला है, जिससे जहाजों के लिए खतरा बढ़ गया है।
अमेरिका के लीडरशिप वाले जॉइंट मैरिटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर ने जहाजों को सलाह दी है कि वे ओमान के समुद्री इलाके से होकर गुजरें, जहां एक सुरक्षित क्षेत्र बनाया गया है।
लेकिन ईरान की समाचार एजेंसी फार्स न्यूज के मुताबिक, इस नए रास्ते से जाने की कोशिश कर रहे दो व्यापारिक जहाज बीच में ही फंस गए हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ओमान के तट के पास का समुद्र पत्थरीला है, इसलिए जहाज न आगे बढ़ पा रहे हैं और न ही वापस लौट पा रहे हैं।
अमेरिका बोला- हम ईरान से लड़ाई नहीं चाहते
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि अमेरिका ईरान के साथ लड़ाई नहीं चाहता, लेकिन होर्मुज में जहाजों की सुरक्षा जरूरी है।
उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट फ्रीडम के तहत अमेरिका की सेना होर्मुज में काम कर रही है, ताकि जहाज सुरक्षित तरीके से आ-जा सकें।
पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका का मकसद ईरान के “गैरकानूनी दबाव” को खत्म करना है, जो वह इस समुद्री रास्ते पर बनाने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने यह भी साफ किया कि अमेरिका को इस मिशन के लिए ईरान के हवाई क्षेत्र या समुद्री सीमा में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अमेरिका ने प्रोजेक्ट फ्रीडम के तहत होर्मुज में अमेरिकी युद्धपोत तैनात किया
अमेरिका ने होर्मुज में अपना बड़ा युद्धपोत USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश भेजा है। यह कदम डोनाल्ड ट्रम्प की नई योजना प्रोजेक्ट फ्रीडम के तहत उठाया गया है। इस योजना का मकसद उन जहाजों को सुरक्षित निकालना है, जो होर्मुज में फंसे हुए हैं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, इस युद्धपोत पर 60 से ज्यादा विमान मौजूद हैं, जो इस मिशन में मदद कर रहे हैं।



