नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन से जुड़ी सभी FIR को रद्द कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 में दी गई शक्तियों का इस्तेमाल किया।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि 20 से 25 जुलाई के बीच हुए विरोध प्रदर्शनों के संबंध में कोई नई FIR दर्ज नहीं की जाएगी।
इसके अलावा CJI जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने सरकार को आत्महत्या से मरने वाले छात्रों के परिवारों को 3 महीने के भीतर मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है।
सुनवाई से पहले कॉकरोच जनता पार्टी ने 5 सितंबर के मार्च को वापस लेने का फैसला किया है। प्रवक्ता सौरव ने बताया कि केंद्र ने उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद CJP नेताओं से किए गए तीनों आश्वासनों को पूरा करने के लिए केंद्र पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सुप्रीम कोर्ट ने 13 FIR रद्द करने की मांग पर सुनवाई की
NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर दर्ज 13 FIR रद्द करने की दिल्ली पुलिस की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आज सुनवाई की। यह मांग भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने की थी।
पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान मौजूद रहे 2873 लोगों की भूमिका की जांच के लिए नई FIR दर्ज करने की परमिशन भी मांगी है।
SG मेहता ने कहा था- हम एक IA (इंटरलोक्यूटरी एप्लिकेशन) दाखिल करना चाहते हैं। यह प्रदर्शन से जुड़ा है और FIR रद्द करने के लिए है। हम संविधान के अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल कर रहे हैं।
आवेदन में कहा गया था कि केंद्र सरकार के 25 जुलाई के फैसले के अनुसार, दिल्ली पुलिस कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनों से जुड़ी 13 FIR आगे नहीं चलाना चाहती।




