छत्तीसगढ़

युवराज अक्सर धोनी को बिहारी-बिहारी कह कर छेड़ा करते थे, फिर माही को आया गुस्सा, बाद में हुई दोनों में दोस्ती

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के इतिहास में महेंद्र सिंह धोनी का नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो चुका है। अपनी कप्तानी में धोनी ने टीम इंडिया को हर तरह से बुलंदियों पर पहुंचाने का काम किया। हालांकि टीम इंडिया के लिए धोनी की शुरुआत कुछ खास नहीं रही थी। इसके अलावा ड्रेसिंग रूम में भी उनकी खूब खिंचाई होती थी। खास तौर से टीम इंडिया के धाकड़ ऑलराउंडर युवराज सिंह, धोनी को खूब चिढाते थे। युवराज अक्सर धोनी को बिहारी-बिहारी कह कर छेड़ा करते थे।

हालांकि धोनी को जब एक दिन नहीं रहा गया तो उन्होंने यूवी से पूछ ही लिया कि आखिर वह उनसे हमेशा नाराज क्यों रहते थे। इस घटना के बाद से ही धोनी के लिए टीम इंडिया में बहुत सी ऐसी चीजें बदल गई, जिसके बाद युवराज सिंह से भी उनकी जिगरी यारी हो गई। धोनी ने साल 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ वनडे मैचों से अपने करियर की शुरुआत की थी।

बता दें कि करियर के शुरुआत में धोनी ने अपने बड़े-बड़े ताकतवर शॉट्स के लिए जाने जाते थे। टीम इंडिया में एंट्री के बाद से ही धोनी फैन फॉलोइंग तेजी से बढ़ने लगी। धोनी ने अपने खेल से इस कदर टीम इंडिया में पैर जमाए कि कुछ ही समय में वह टी20 फॉर्मेट में कप्तान बना दिए गए।

हालांकि धोनी के बड़े-बड़े शॉट को देखकर युवराज सिंह कहा करते थे कि चौके छक्के लगाना कोई बड़ी बात नहीं है, बड़ी बात है मैच जिताना, लेकिन धोनी ने जब एक के बाद एक मैच जिताऊ पारियां खेलनी शुरु की तो युवराज ने कहने लगे कि एक खिलाड़ी की असली परीक्षा टेस्ट में होती है वनडे में नहीं।

ऐसे बने जिगरी दोस्त

महेंद्र सिंह धोनी ने जब टीम इंडिया के लिए अपना डेब्यू किया तो युवराज सीनियर प्लेयर की लिस्ट में आ चुके थे। युवराज टीम इंडिया के सबसे मजाकिया खिलाड़ियों में से एक थे। वे अक्सर टीम के नए खिलाड़ियों के साथ हंसी मजाक करते थे।

इसका शिकार धोनी भी बने। हालांकि लगातार युवराज के द्वारा चिढाए जाने के से तंग आकर धोनी ने एक बार उनसे पूछ लिया कि आखिर वह उनसे हमेशा नाराज क्यों रहते हैं लेकिन असल में ऐसा कुछ भी नहीं था। धोनी के ऐसा करने के बाद युवराज के साथ उनकी खूब पटने लगी और आगे चलकर वे दोनों जिगरी दोस्त बन गए।

धोनी की कप्तानी युवराज ने जिताया विश्व कप

बेशक युवराज सिंह टीम के सीनियर खिलाड़ी थे लेकिन साल 2007 में धोनी जब टी20 के कप्तान बने तो सब हैरान रह गए। हालांकि इसी साल धोनी की अगुवाई में टीम इंडिया टी20 विश्व चैंपियन बनी। इस टूर्नामेंट में युवराज सिंह भारत के लिए धमाकेदार का खेल का प्रदर्शन किया। टूर्नामेंट में धोनी और युवराज ने खूब रंग जमाया जिसमें उनका अब तक अटूट 12 गेंद में 50 रन का रिकॉर्ड भी शामिल है। इसी टूर्नामेंट में उन्होंने 6 गेंद पर लगातार 6 छक्के भी जड़े भी थे।

फिर बारी थी 2011 वनडे विश्व की। धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने वनडे विश्व कप में भी परचम लहाराया। इस टूर्नामेंट में भी युवराज सिंह ने कमाल का खेल दिखाया था और वह प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने थे। धोनी की कप्तानी युवराज सिंह हमेशा एक तुरुप इक्का साबित हुए और उन्होंने इस चैंपियन खिलाड़ी का अच्छे से इस्तेमाल किया।