छत्तीसगढ़

सुसाइड केसः हंसते खेलते परिवार को खत्म करने वाले लोन एप्प पर एक्शन की तैयारी, SIT करेगी जांच

भोपाल : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक परिवार की आत्महत्या मामले की सरकार अब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से जांच करवाएगी. इस मामले में गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि सरकार इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर रही है. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि ऐसे एप को चिह्नित किया जा रहा है, जिनके नंबरों से मृतक को धमकी मिली थी, और उन पर दबाव डाला गया.

मध्य प्रदेश के गृहमंत्री ने कहा कि ऑनलाइन लोन वाले कुछ एप्लिकेशन ऐसे भी चिह्नित कर रहे हैं, जिनको लेकर हम केंद्र सरकार से आग्रह करेंगे कि उन्हें बैन किया जाए. इसी के साथ हम सर्वर और टेलीग्राम की भी जानकारी इकट्ठी कर रहे हैं, जिससे उन्हें बैन किया जा सके.

गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि लोन वाली एप्लीकेशन को बैन करने के लिए केंद्र सरकार से आग्रह करेंगे. प्रताड़ित करने वालों को चिह्नित कर सख्त एक्शन लिया जाएगा.

कर्ज से परेशान होकर लगा ली फांसी, बच्चों को दिया जहर

बता दें कि भोपाल में सामूहिक आत्महत्या का मामला सामने आया था. यह मामला रातीबड़ थाना क्षेत्र के नीलबड़ इलाके का है. यहां एक ही परिवार के 4 लोगों के शव मिलने के बाद सनसनी फैल गई थी. इनमें दो बच्चों के साथ ही पति-पत्नी शामिल थे. पुलिस का कहना है कि कर्ज से परेशान होकर दंपती ने फांसी लगा ली.

पुलिस को मौके से मिला था सुसाइड नोट और सल्फास को गोलियां

घटना की सूचना के बाद जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो मौके से सुसाइड नोट और सल्फास की गोलियों का पैकेट मिला था. इस मामले में एसीपी चंद्र प्रकाश पांडे ने बताया कि 8 साल और 3 साल के बच्चों को पहले सल्फास की गोलियां दी गईं, इसके बाद पति-पत्नी ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया.

मृतक इंश्योरेंस कंपनी में जॉब करता था. कुछ नुकसान होने के चलते उसने लोन लिया, लेकिन समय पर नहीं चुका पाया, इस वजह से उस पर कर्ज बढ़ता गया और परेशान होकर उसने जानलेवा कदम उठा लिया.