छत्तीसगढ़

जम्मू-कश्मीर में सब कुछ चंगा नहीं, कश्मीरी पंडित सबसे ज्यादा परेशान: महबूबा मुफ्ती

नईदिल्ली I जम्मू कश्मीर की सियासत में इस वक्त हलचल मची हुई है. गुलाम नबी आजाद नई पार्टी का ऐलान करने जा रहे हैं. कुछ दिनों पहले ही नेशनल कॉन्फ्रेंस चीफ फारूक अब्दुल्ला ने ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई थी. आज महबूबा मुफ्ती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा है कि जम्मू कश्मीर के लोग काफी परेशान हैं और सबसे ज्यादा कश्मीरी पंडित. उन्होंने कहा है कि जो वहां (जम्मू कश्मीर) पर काम कर रहे हैं और उनकी यह डिमांड है कि उनको रीलोकेट किया जाए. किसान हो कश्मीरी पंडित हो एंप्लाइज हो सब परेशान हैं.

महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि जम्मू में कश्मीर से ज्यादा हालात खराब है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ‘किसी को बात करने और बोलने की इजाजत नहीं है. वह लोग बोलते हैं सब कुछ चंगा है सब कुछ चंगा नहीं है. महबूबा मुफ्ती ज्ञानवापी मामले पर कहा कि कोर्ट के ज्ञानवापी के निर्णय पर मुझे अफसोस है क्योंकि कोर्ट अपने फैसलों को नहीं मान रही, जिसमें उन्होंने 1947 के बाद सारे धार्मिक जगहों की यथास्थिति को बनाए रखने के लिए कहा था. कोर्ट भाजपा के नरेटिव को आगे बढ़ा रही है. अदालत खुद ही अपनी रूलिंग को नहीं मानती. मुफ्ती आगे कहती हैं कि कुछ ऐसे लोग हैं जो यह मानते हैं कि 370 वापस नहीं आएगा. दुनिया में कुछ भी नामुमकिन नहीं है अगर हम अंग्रेजों से लड़ें उनके खिलाफ कामयाब हुए तो बीजेपी कौन सी चीज है.

एक दिन पहले केंद्र सरकार पर बरसीं महबूबा मुफ्ती

एक दिन पहले पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर में कथित तौर पर जन असंतोष को लेकर उप राज्यपाल प्रशासन को आड़े हाथ लेते हुए कहा था कि केंद्र शासित प्रदेश आज ऐसे चौराहे पर खड़ा है जहां पर लोगों के पास न तो कोई अधिकार है और न ही उनकी शिकायतों को उठाने के लिए कोई मंच. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह राजनीतिक उद्देश्य की पूर्ति के लिए कश्मीरी पंडितों की पीड़ा और उनकी परेशानी को हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है.

लोगों में बढ़ रहा है आक्रोश- महबूबा मुफ्ती

महबूबा ने जम्मू क्षेत्र के दूसरे दिन के दौरे के दौरान विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात के वक्त कहा, लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है जबकि उप राज्यपाल का प्रशासन अपनी फर्जी उपलब्धियों को प्रदर्शित करने में व्यस्त है ताकि भाजपा ने जो जम्मू-कश्मीर के साथ किया है उसे उचित ठहराया जा सके.’ जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि लालफीताशाही, जड़ता और जन आक्रोश के कारण प्रशासन ने आम लोगों की मुश्किलों को बढ़ा दिया