सक्ती। सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट हादसे की जांच में प्रथम दृष्टया प्लांट प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, प्लांट हेड देवेंद्र पटेल समेत 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। सभी के खिलाफ बीएनएस की धारा 106, 289, 3-5 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
सीएम ने दिए हैं मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश
इस घटना की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में जो भी दोषी होंगे उन पर श्रम कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं मुख्यमंत्री साय ने मृतकों के परिवार वालों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया है। PMO ने भी मुआवजे की घोषणा की है। PMNRF से हर मृतकों के परिवार वालों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे।
मृतक के परिजन को 35-35 लाख और नौकरी देगी कंपनी
बता दें कि रायगढ़ के अलग-अलग अस्पतालों में 11 घायलों का इलाज चल रहा है। रायगढ़ के बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल में बनवारी लाल, उपेंद्र और परदेशी लाल चंद्रा का इलाज जारी है। वहीं 2 मजदूर उमेंद्र और किस्मत अली का रायपुर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। वेदांता प्रबंधन ने मृतक के परिजन को 35-35 लाख रुपए सहायता राशि और नौकरी देने का ऐलान किया है। वहीं घायलों को 15-15 लाख रुपए देने की बात कही है।



