नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को जेल बना दिया है। उन्होंने कहा कि पीएम ने धर्मेंद्र प्रधान को बचाने के लिए दिल्ली के लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है।
पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और सरकार के बीच शनिवार दोपहर 3:30 बजे तीसरी बैठक हो सकती है। इसमें सरकार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अपना रुख बताएगी।
CJP ने कहा है कि इस मांग पर कोई समझौता नहीं होगा। शुक्रवार को दूसरी बैठक हुई। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि CJP ने 3 मांगें और परीक्षा सुधार के 5 सुझाव दिए हैं, जिन पर चर्चा जारी है।
CJP ने दावा किया कि सरकार ने आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपए मुआवजा और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लेने पर सहमति दी।
दिल्ली में संसद मार्च लाठीचार्ज में घायल प्रदर्शनकारी भगत सिंह की तस्वीर लिए हुए और पैर पर प्लास्टर बांधे हुए दोबारा प्रदर्शन में शामिल हुआ।
एक प्रदर्शनकारी युवती भारत के संविधान का पोस्टर लेकर आई
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान मेडिकल सहायता कैंप भी बनाया गया है। यहां वॉलंटियर डॉक्टर प्रदर्शनकारियों का इलाज कर रहे हैं।
CJP बोली- सरकार से लिखित समझौते की उम्मीद
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि मुआवजे और दर्ज केस वापस लेने के मुद्दे पर आज सरकार से लिखित समझौते की उम्मीद है। इसके साथ ही, इस आंदोलन की मुख्य मांग यानी केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर भी सरकार के जवाब का इंतजार है।
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर देर रात बैरिकेडिंग बढ़ा दी है। इस दौरान कई बैरिकेड्स को वेल्डिंग के जरिए जोड़ दिया गया।
CJP बोली- हम अधिकारियों को हटाने की मंशा की जांच करेंगे
सरकार के शुक्रवार को NTA के 47 अधिकारियों को हटाने पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि यह देखना होगा कि किन 47 अधिकारियों को निलंबित किया गया है और इसके पीछे क्या मंशा है।
CJP बोली- प्रधान इस्तीफा नहीं देते तो बैठक का मतलब नहीं
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने शनिवार को कहा- अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं, तो इस तरह की बैठक का कोई मतलब नहीं है। हम अपनी भविष्य की रणनीति पर काम करेंगे। अगर सरकार इसी तरह चलती रही, तो हम कड़ा रुख अपनाने को मजबूर होंगे।




