बचाव दल ने इमारत के आगे के हिस्से में रहने वाले लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की, लेकिन पीछे के हिस्से में फंसे लोगों को बचाना मुश्किल साबित हुआ। मृतकों के शव इस हद तक झुलस गए हैं कि उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है।
अग्निशमन विभाग के अनुसार, तीन लोगों के शव बिस्तर पर मिले हैं, जो आग की भयावहता को दर्शाता है कि उन्हें बिस्तर से उठने का भी मौका नहीं मिला। पुलिस ने अब तक नौ लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।
इस घटना में एक ही परिवार के पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। विवेक विहार हादसे में जान गंवाने वाले अरविंद जैन के साले संजय जैन ने बताया के करीब 10 साल पहले परिवार सीलमपुर के गौतमपुरी से विवेक विहार में शिफ्ट हुआ था। इस घटना में उनके बहनोई अरविंद जैन (62 वर्ष), बहन अनिता जैन, उनके बेटे निशांक जैन (34 वर्ष), बहु आंचल और डेढ़ वर्ष के पोते आरु की मौत हो गई। घर के अंदर सबकुछ जलकर खाक हो गया है। शरीर को देखकर पहचान कर पाना मुश्किल था। आरु के शरीर का हिस्सा अपने मां के छाती चिपका मिला।
उन्होंने बताया कि अरविंद के बेटे दीपक का डीएनए लिया गया है। दीपक अपने बेटे का जन्मदिन मनाने के लिए मानेसर गया था। उनके साथ निशांक को भी जाना था, लेकिन किसी कारण वह नहीं जा पाए। रविवार सुबह निशांक को भी परिवार के साथ मानेसर जाना था। रात 12 बजे दोनों भाइयों की वीडियो कॉल पर बात हुई थी और केक भी काटा था। तड़के करीब 3:30 बजे यह घटना हो गई। जिसमें परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई।
अग्निकांड पर दिल्ली सीएम ने जताया दुख
विवेक विहार की एक इमारत में लगी आग की घटना अत्यंत दुखद है। इस हादसे में 9 लोगों की मृत्यु से मन व्यथित है। हादसे में घायल हुए लोगों का नजदीकी अस्पताल में उपचार चल रहा है, उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि उन्हें यह कठिन समय सहने की शक्ति प्रदान करें। स्थानीय प्रशासन, DDMA, दिल्ली फायर सर्विस और दिल्ली पुलिस के सभी आला अधिकारी राहत और बचाव कार्यों में पूरी तत्परता से जुटे हैं। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावितों को हर संभव सहायता सुनिश्चित की जा रही है। हमारे स्थानीय विधायक और निगम पार्षद भी राहत कार्य में अपना सहयोग कर रहे हैं। दिल्ली सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ हर परिस्थिति में मजबूती से खड़ी है।