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रायपुर- बिलासपुर में पेट्रोल-डीजल की कमी का हल्ला, पंपों पर लंबी कतारें; सरकार ने कहा- राज्य में भरपूर स्टॉक

रायपुर । राजधानी में गुरुवार को सुबह से ही पेट्रोल खत्म होने की अफवाह फैलने लगी। लोगों को सोशल मीडिया में संदेश मिलने लगे कि रायपुर में एक से दो दिन का ही स्टॉक बाकी है। कंपनी वाले पेट्रोल की सप्लाई नहीं कर रहे हैं। पंप बंद होने लगे हैं। जैसे-जैसे यह अफवाह फैलती गई पंपों में लोगों की भीड़ बढ़ने लगी।

लोगों की लाइन इतनी लंबी होती गई कि पंपों से निकलकर सड़क तक पहुंच गई। सुबह से रात तक हर पंप में लोगों की लंबी कतार लगी रही। इतना ही नहीं पंप में पहुंचने वाले अधिकतर लोग टंकी फुल करा रहे थे। कार हो या दोपहिया हर कोई टंकी फुल करने के लिए ही कह रहा था।

जबकि हर पंप के मैनेजर का एक ही जवाब है कि पेट्रोल तो भरपूर है पर लोगों को लग रहा है कि खत्म होने वाला है। शहर के पेट्रोल पंप वाले आमतौर पर 18 हजार लीटर वाला टैंकर खरीदते हैं। हर टैंकर में चार चैंबर होते हैं। एक चैंबर की क्षमता 4500 लीटर की होती है। जिनके पंप में डीजल भी बिकता है वे तीन चैंबर में पेट्रोल और एक में डीजल मंगवाते हैं।

आमतौर पर एक टैंकर दो से तीन दिन तक चलता है। लेकिन अभी लोगों के पैनिक होने की वजह से सभी पंपों से एक दिन में एक टैंकर पेट्रोल की बिक्री हो जा रही है। पेट्रोलियम कंपनी वाले जिस दिन ऑर्डर होता है उसी दिन टैंकर नहीं भेजते। ऑर्डर के अगले दिन ही टैंकर पंप के लिए निकलता है। यही वजह है कि जो पंप आज ड्राय होते हैं उनमें अगले दिन पेट्रोल की बिक्री शुरू हो जाती है।

शहर के पेट्रोल पंपों का हाल

  • जीई रोड पर राजकुमार कॉलेज के सामने दो पेट्रोल पंप बंद।
  • जयस्तंभ चौक मल्टीलेवल पार्किंग के पास पंप में भीड़।
  • शहीद स्मारक भवन के सामने पंप में लोगों की लंबी कतार।
  • तहसील दफ्तर के सामने वाले पंप में स्टॉक नहीं, इसलिए बंद।
  • शास्त्री चौक के पास स्थित पंप में टैंकर पहुंचा, लोगों की भीड़।
  • टिकरापारा पंप में सुबह से लोगों की लंबी कतार दिखाई दी।
  • अंबेडकर अस्पताल के सामने सेंट्रल जेल वालों का पंप बंद।
  • फाफाडीह चौक पर स्थित पंप में रात तक भीड़ रही।

बिलासपुर में भी लंबी कतारें

शहर और आउटर के 8 पेट्रोल पंप ड्राई रहे। एक दिन पहले जिले के 13 पंपों में पेट्रोल और डीजल की कमी थी। गुरुवार को कैलाश फिलिंग स्टेशन, यशराज फ्यूल्स, अमृत फ्यूल्स, गंगा फ्यूल्स, आरके फ्यूल्स और गुम्बर फ्यूल्स सहित कई पंप बंद रहे।

दूसरी ओर पुलिस कल्याण पंप, टैगोर चौक स्थित अंबा फ्यूल्स और सरकंडा के सरजू पंप पर लंबी कतारें लगी रहीं। ऑयल कंपनियों के अधिकारियों ने पंप संचालकों द्वारा समय पर भुगतान नहीं करने को संकट की वजह बताया, जबकि संचालकों का कहना है कि भुगतान के दो-तीन दिन बाद सप्लाई मिल रही है। अधिकारियों के मुताबिक पैनिक बाइंग के कारण डीजल की बिक्री में करीब 30% और पेट्रोल में 20-22% तक वृद्धि हुई है।

दुर्ग-भिलाई में भी पंप पर पेट्रोल-डीजल की कमी

दुर्ग-भिलाई में भी पंप पर पेट्रोल-डीजल की कमी देखने में आई। दुर्ग में कचहरी चौक पर स्थित पेट्रोल पंप के कर्मचारियों का कहना है कि पेट्रोल डीजल की अभी ज्यादा कमी नहीं है, लेकिन टैंकर नियमित रूप से डिपो से नहीं आए तो संभव है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की किल्लत हो।

इसी तरह राजेंद्र पार्क चौक स्थित पेट्रोल पंप कर्मचा​री के मुताबिक डीपो से ईंधन का टैंकर नहीं आया है। इस वजह से पंप बंद कर दिया गया है। पंप में पेट्रोल डीजल दोनों खत्म हो गया है। पेट्रोल-डीजल को लेकर धीरे धीरे समस्या शुरू होने लगी है। पंप के कर्मचारी ने बताया कि टैंकर एक से दो दिन के अंतराल में आ रहे हैं।

इस वजह से समस्या शुरु हो गई है। सरकारी कोटा बचाकर पंप में सामान्य ग्राहकों को पेट्रोल नहीं दे पाते हैं। सरकारी गाडियों में नियमित तौर पर ईंधन देने जरुरी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा- अफवाहों से दूर रहें, आवश्यकता अनुसार ही ईंधन लें

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता न करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा प्रदेश के सभी ऑयल डिपो में नियमित रूप से ईंधन की आपूर्ति की जा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार एवं ऑयल कंपनियां पूर्ण समन्वय के साथ स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भी भारत सरकार द्वारा प्रभावी तैयारियां सुनिश्चित की गई हैं और ईंधन आपूर्ति को लेकर किसी प्रकार की समस्या नहीं है।

 

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