तेहरान। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के चेयरमैन इब्राहिम अजीजी ने कहा है कि उनका देश जल्द ही होर्मुज में जहाजों की आवाजाही के लिए नया सिस्टम शुरू करेगा। उन्होंने शनिवार को कहा कि यह व्यवस्था ईरान की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
इब्राहिम अजीजी के मुताबिक, इस नए सिस्टम में सिर्फ वही कारोबारी जहाज और देश फायदा उठा सकेंगे जो ईरान के साथ सहयोग करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस व्यवस्था के तहत दी जाने वाली खास सेवाओं के लिए टैक्स लिया जाएगा।
वहीं ईरानी सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के सलाहकार मोहम्मद मोखबर ने कुवैत और UAE को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान ने अब तक संयम बरता है, लेकिन यह हमेशा नहीं चलेगा।
मोखबर ने कहा कि इन देशों ने अपने इलाके को ईरान के दुश्मनों के इस्तेमाल के लिए खुला छोड़ दिया है। ईरान ने लंबे समय तक उन्हें दोस्त और भाई माना, लेकिन अब उन्होंने अपनी आजादी तक बेच दी है और अपने देश की जमीन दुश्मनों को इस्तेमाल करने दी है।
ईरान बोला- बातचीत फेल हुई तो युद्ध को तैयार
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अगर अमेरिका के साथ चल रही बातचीत बेनतीजा रही तो ईरान सीधे युद्ध के लिए तैयार है। उन्होंने दावा किया कि इस टकराव का असर अब अमेरिकी अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर भी पड़ रहा है।
अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि तेहरान हर स्थिति के लिए तैयार है। उन्होंने संकेत दिए कि यदि बातचीत से स्वीकार्य नतीजे नहीं निकले तो सैन्य विकल्प भी खुला रहेगा।
उन्होंने दावा किया कि ईरान-इजराइल-अमेरिका तनाव का असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। उनके मुताबिक ऊर्जा लागत और महंगाई तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड्स, मॉर्गेज रेट्स और ऑटो लोन डिफॉल्ट बढ़ने का भी जिक्र किया।
अराघची ने लिखा, “अमेरिकियों को ईरान के खिलाफ चुने गए युद्ध की कीमत चुकानी पड़ रही है।”
ईरान ने कहा कि संघर्ष की वजह से होर्मुज स्ट्रेट प्रभावी रूप से बंद है। दुनिया के करीब 20% तेल और गैस सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। ऐसे में वैश्विक तेल बाजार और ईंधन कीमतों पर असर बढ़ने की आशंका है।
अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। इसी बीच ईरान लगातार सख्त संदेश देकर दबाव की रणनीति अपना रहा है।
ईरान बोला- दुश्मनों के हथियार अब होर्मुज से नहीं गुजरेंगे
ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने कहा है कि अब दुश्मन देशों के सैन्य उपकरणों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ईरान पहले अपने खिलाफ इस्तेमाल होने वाले हथियारों को भी इस रास्ते से गुजरने देता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
आरिफ ने कहा कि ईरान ने पहले होर्मुज स्ट्रेट पर अपने संप्रभु अधिकारों का इस्तेमाल नहीं किया था। ईरान ने होर्मुज में जहाजों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए नया मैकेनिज्म लागू करने की भी बात कही है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, इस व्यवस्था का फायदा सिर्फ उन्हीं जहाजों और देशों को मिलेगा जो ईरान के साथ सहयोग करेंगे।
ईरान में लोगों ने सेना के समर्थन में मार्च निकाला
ईरान में सरकार और सेना के समर्थन में बड़े पैमाने पर रैलियां निकाली जा रही हैं। ईरानी मीडिया प्रेस टीवी के मुताबिक शनिवार रात मशहद शहर में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने ईरानी झंडे लहराए और सेना के समर्थन में नारे लगाए।
रैलियों में शामिल लोगों ने कहा कि वे देश और सेना के साथ मजबूती से खड़े हैं। हाल के दिनों में अमेरिका और इजराइल के साथ बढ़े तनाव के बीच ईरान घरेलू समर्थन का प्रदर्शन कर रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक तेहरान, इस्फहान और अन्य शहरों में भी इसी तरह के मार्च और प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय एकता और सैन्य ताकत का संदेश देने की कोशिश की।
मिडिल ईस्ट में ब्रिटेन ने तैनात किया नया एंटी-ड्रोन सिस्टम
ब्रिटेन ने मिडिल ईस्ट में नया लो-कॉस्ट एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किया है। सरकार ने बयान जारी कर कहा कि नया APKWS सिस्टम मौजूदा मिसाइलों की तुलना में काफी कम लागत वाला है।
सरकार के मुताबिक, यह सिस्टम RAF टाइफून फाइटर जेट्स पर फिट किया जाएगा ताकि दुश्मन के ड्रोन और अन्य लक्ष्यों को ज्यादा सटीकता के साथ नष्ट किया जा सके। यह तैनाती ऐसे समय में हुई है जब पिछले कई महीनों में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के कई देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने ऊर्जा और सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया था। इन हमलों को क्षेत्रीय युद्ध के व्यापक जवाब का हिस्सा माना जा रहा है। ब्रिटेन ने कहा कि नया सिस्टम कम खर्च में हवाई खतरों से निपटने की क्षमता बढ़ाएगा।



