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छत्तीसगढ़: हटाए गए नायब तहसीलदार, BJP विधायक पर लगाया था मारपीट का आरोप; एसडीएम भी हटाए जाएंगे

रायपुर । सरगुजा जिले में विधायक रामकुमार टोप्पो से विवाद के बाद नायब तहसीलदार तुषार मानिक हटाए गए हैं। बताया जा रहा है कि SDM फागेश सिन्हा को भी हटाया जा सकता है। उनके ट्रांसफर का आदेश आज या सोमवार तक जारी होने की संभावना है।

दरअसल, नायब तहसीलदार तुषार ने विधायक टोप्पो और उनके समर्थकों पर मारपीट का आरोप लगाया था, जिसके बाद विधायक के खिलाफ FIR भी हुई थी। विधायक ने खुद गिरफ्तारी देने की बात कही थी, हालांकि अब तक उन्होंने गिरफ्तारी नहीं दी है।

उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर राज्यभर के 500 तहसीलदार हड़ताल पर चले गए थे। बाद में राजस्व मंत्री से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल खत्म कर दी गई थी। इसी बीच तुषार मानिक को हटा दिया गया है।

समझौते के बाद हटाए गए नायब तहसीलदार

बुधवार (3 जून) को सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने सीतापुर के नायब तहसीलदार तुषार मानिक और एसडीएम फागेश सिन्हा को हटाए जाने की मांग को लेकर कलेक्टर अजीत वसंत से मुलाकात की थी। समझौते के बाद विधायक समर्थक दो आरोपियों ने थाने में सरेंडर किया था।

सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने नायब तहसीलदार तुषार मानिक को हटाने का आदेश बुधवार को ही जारी कर दिया था, हालांकि इसे दो दिन बाद शुक्रवार को सार्वजनिक किया गया।

कलेक्टर ने तुषार मानिक को अंबिकापुर कलेक्टर कार्यालय में अटैच कर दिया है। वहीं राजापुर उप तहसील का प्रभार अब सीतापुर तहसीलदार उमेश बाज को सौंपा गया है।

तहसीलों में कामकाज हुआ सामान्य

हड़ताल के बाद गुरुवार (4 जून) से सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार फिर से काम पर लौट आए हैं। उनके साथ सरगुजा में हड़ताल पर गए राजस्व निरीक्षक और पटवारी भी ड्यूटी पर वापस आ गए हैं। कामकाज शुरू होने के बाद शुक्रवार को तहसीलों में लोगों की काफी भीड़ देखने को मिली।

क्या है पूरा मामला

विधायक रामकुमार टोप्पो का आरोप है कि नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने उनकी चचेरी बहन से अभद्रता की थी। तुषार मानिक का आरोप है कि, बहन के साथ अभद्रता का आरोप लगाते हुए विधायक और उनके समर्थकों ने उनकी पिटाई की थी। बाद में दोनों पक्षों की शिकायत पर काउंटर FIR हुई थी।

इसी के बाद राज्य के सभी तहसीलदार एकजुट हुए और हड़ताल पर चले गए थे। तब विधायक टोप्पो ने खुद गिरफ्तारी देने की बात कही थी। वे गिरफ्तारी देने जा रहे थे, तभी बतौली में पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोक लिया था।

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