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छत्तीसगढ़: मंत्री सांसदों की डांट-फटकार से कर्मचारी नाराज, प्रदेश में आंदोलन की चेतावनी

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन तिहार में मंत्री-सांसदों की डांट फटकार का कर्मचारियों ने विरोध किया है। पिछले 10 दिनों में अधिकारियों कर्मचारियों को फटकार लगाने, उन्हें सस्पेंड की धमकी देने समेत कई ऐसे केस सामने आए, जिसके बाद छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने इस व्यवहार पर आपत्ति जताई है।

फेडरेशन के महासचिव चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि ऐसी घटनाएं नहीं रुकीं तो पूरे प्रदेश में आंदोलन किया जाएगा। बता दें कि फेडरेशन में 5 लाख कर्मचारी-अधिकारी जुड़े हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी भी अपनी मानवता और पारिवारिक पृष्ठभूमि है। इस तरह से मिसबिहेव कर उन्हें अपमानित किया जा रहा।

फेडरेशन के पदाधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर फेमस होने के लिए कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है।

केस 1 – सांसद ने अधिकारियों को फटकारा

रायपुर के आरंग के नगर पंचायत समोदा में सुशासन तिहार कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जहां सांसद बृजमोहन अग्रवाल शिकायत मिलने पर भड़क गए। उन्होंने नायब तहसीलदार गजानंद सिदार को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि, आपका अभिनंदन करें कि क्या करें बताओ।

इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। फटकार लगाते हुए बृजमोहन ने कहा कि सबसे ज्यादा शिकायत आपकी है। कितना पैसा लेते हो, जो लोगों को बोलते हो…क्या बोलते हो लोगों से?

इसकी सबसे ज्यादा शिकायत है। कितना पैसा दिए हो सांसद जी को…कितना पैसा दिए हो? यह बातकर सुनकर वहां शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीण ताली बजाने लगे।

केस 2 – राजस्व मंत्री ने पटवारी को सस्पेंड का आदेश दिया

रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा में सुशासन तिहार के तहत समाधान शिविर लगाया गया था। इस दौरान राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने मंच से ही बिलाड़ी के पटवारी को एक घंटे के भीतर निलंबित करने के आदेश दे दिए।

ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि एक छोटे किसान को कई दिनों तक दफ्तरों के चक्कर लगवाए गए। उसकी जमीन को रिकॉर्ड में ‘निरंक’ दिखा दिया गया। शिकायत सुनते ही मंत्री ने नाराजगी जताई और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

केस 3 – विधायक ने पटवारी को जूता से मारूंगा कहा

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में छुरा ब्लॉक के ग्राम पाटसिवनी में 5 मई को सुशासन तिहार के तहत जनसभा हुई। इस सभा में एक शिकायत पर राजिम से भाजपा विधायक रोहित साहू ने मंच से कहा कि रिश्वत लेने वाले पटवारी को जूता से मारूंगा। इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। वहीं विधायक के पटवारी के लिए अपशब्द कहने पर पटवारी संघ ने सुशासन तिहार का बहिष्कार कर दिया है।

इधर अमलीपदर तहसील मुख्यालय में आयोजित सुशासन शिविर में खाली कुर्सियां देखकर पूर्व संसदीय सचिव गोवर्धन मांझी भड़क गए। भाजपा नेता मांझी ने अधिकारियों पर फोन न उठाने और शिविर की तैयारियों में लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि कलेक्टर साहब, आप फोन तो उठा लिया करें। इस दौरान कलेक्टर भगवान सिंह उईके मंच पर ही मौजूद थे।

केस 4 – भाजपा नेता और CEO के बीच बहस

दुर्ग जिले के ‘सुशासन तिहार’ का वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में जनपद पंचायत CEO रूपेश कुमार पांडेय ‘सुशासन तिहार’ के दौरान बीजेपी ग्रामीण महामंत्री पुराण देशमुख से बहस करते नजर आए थे। वीडियो में रूपेश कुमार पांडेय को यह कहते हुए सुना गया था कि, ‘जो करना है कर लो।’

यह पूरा विवाद विधायक ललित चंद्राकर की मौजूदगी में हुआ था। मामले के तूल पकड़ने के बाद राज्य सरकार ने रूपेश कुमार पांडेय को सस्पेंड कर दिया है।

केस 5 – कांग्रेस नपा अध्यक्ष और ADM की बहस

रायपुर जिले के मंदिर हसौद में सुशासन तिहार शिविर में कांग्रेस के नगर पालिका अध्यक्ष गोपाल चतुर्वेदी और ADM के बीच बहस हो गई। नगर पालिका अध्यक्ष ने एडीएम उमाशंकर बंदे से कहा, शिविर में प्रोटोकॉल का पालन ​नहीं किया गया। आपको इसका जवाब देना पड़ेगा।

इस पर अधिकारी ने कहा, प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा गया है। साथ ही उन्होंने नपा अध्यक्ष को मंच से नीचे जाने कहा। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में नगर पालिका अध्यक्ष सुशासन तिहार में अव्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर करते नजर आ रहे हैं।

नपा अध्यक्ष ने कहा कि शिविर में उन्होंने जनता की समस्याओं से जुड़े सवाल उठाए थे, लेकिन उन्हें मंच से हटाने की कोशिश की गई।

केस 6 बृजमोहन बोले- रेंजर को सस्पेंड करो

रायपुर के गोबरा नवापारा में आयोजित सुशासन ‘तिहार शिविर’ में शिकायत मिलने पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रेंजर को सस्पेंड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेंजर यहां क्यों नहीं है, शोकॉज नोटिस जारी करो और उसे सस्पेंड करो।

मामला कुलेश्वर महादेव शासकीय महाविद्यालय की बाउंड्री वॉल निर्माण में वन विभाग की आपत्ति और रेंजर की गैरमौजूदगी से जुड़ा था। शिविर के दौरान जब यह मामला सामने आया तो सांसद ने नाराजगी जताई थी।

सार्वजनिक फटकार पर कर्मचारी फेडरेशन नाराज

छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के महासचिव चंद्रशेखर तिवारी ने कहा है कि अगर किसी कर्मचारी से कामकाज में चूक होती है तो उसके लिए विभागीय जांच और कार्रवाई की व्यवस्था पहले से मौजूद है, लेकिन सार्वजनिक मंच से अपमानित करना न तो प्रशासनिक परंपराओं के अनुरूप है और न ही इससे व्यवस्था मजबूत होती है।

फेडरेशन के पदाधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि, सोशल मीडिया और रील्स के दौर में कुछ लोग लोकप्रियता हासिल करने के लिए कर्मचारियों को निशाना बना रहे हैं।

‘सम्मान बना रहना जरूरी’

कर्मचारी संगठनों ने कहा कि जनप्रतिनिधि और कर्मचारी दोनों ही लोकतांत्रिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण अंग हैं। जनप्रतिनिधि जनता द्वारा चुने जाते हैं, जबकि कर्मचारी शासन-प्रशासन की योजनाओं और सेवाओं को धरातल पर लागू करते हैं। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच सम्मानजनक संवाद और समन्वय बनाए रखना आवश्यक है।

फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि वह जवाबदेही तय करने का विरोध नहीं कर रहा, लेकिन सार्वजनिक अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मंचों से कर्मचारियों को फटकारने और अपमानित करने की घटनाएं जारी रहीं तो प्रदेशभर के कर्मचारी आंदोलन और सड़क पर उतरने जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे।

बढ़ सकता है टकराव

फेडरेशन की चेतावनी के बाद मामला राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ कर्मचारी सम्मानजनक व्यवहार की मांग कर रहे हैं।

बता दें कि सुशासन शिविर में नेताओं और अधिकारियों के बीच बहस की खबरें आई है।

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