भवानीपुर। छत्तीसगढ़ के भवानीपुर ब्लॉक से अनोखे विरोध प्रदर्शन की एक ऐसी दिलचस्प तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में तूल पकड़ लिया है। यहाँ एक पेट्रोल पंप कर्मचारियों की मनमानी से तंग आकर जिला पंचायत सदस्य ने अपनी लग्जरी कार को बैलों से बंधवाया और खिंचवाकर पंप तक ले आए। इस अनोखे और फिल्मी अंदाज वाले विरोध को देखने के लिए सड़क पर ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा।
पेट्रेाल पंप से 500 मीटर दूर खत्म हुआ डीजल
जानकारी के अनुसार, जिला पंचायत सदस्य रवि बंजारे गुरुवार को अपने क्षेत्र के दौरे पर थे। तभी रास्ते में अचानक उनकी कार का डीजल खत्म हो गया और गाड़ी पेट्रोल पंप से महज 500 मीटर पहले बीच सड़क पर खड़ी हो गई। कार का चालक तुरंत पैदल ही ग्राम भरुवाडीह स्थित एस एस पेट्रोल पंप पहुँचा। उसने कर्मचारियों को स्थिति समझाते हुए आपात स्थिति के लिए डिब्बे में 4 लीटर डीजल देने की मिन्नतें की। लेकिन, पंप के कर्मचारियों ने नियमों का हवाला देते हुए डिब्बे में ईंधन देने से साफ मना कर दिया। चालक के बार-बार अनुरोध और गाड़ी पास में ही खड़ी होने की बात कहने के बावजूद कर्मचारी टस से मस नहीं हुए।
बैलों की एंट्री और पंप पर हाई वोल्टेज ड्रामा
जब चालक ने यह बात जिला पंचायत सदस्य रवि बंजारे को बताई, तो वे कर्मचारियों के इस अड़ियल रवैये से बेहद क्षुब्ध हो गए। उन्होंने कार को धक्का देने के बजाय व्यवस्था को आईना दिखाने की सोची। रवि बंजारे ने तुरंत आस-पास के ग्रामीणों की मदद से दो बैल मंगवाए। कार को रस्सी के सहारे बैलों से बांधा गया और पूरे गाँव के सामने उसे खिंचवाकर पेट्रोल पंप तक लाया गया।
इकलौता पेट्रोल पंप इसलिए मनमानी
इस नजारे को देखकर पेट्रोल पंप पर भीड़ जमा हो गई। मौके पर पहुंचे उपसरपंच फागू सेन, सरपंच खिलेश्वर घृतलहरे और ग्रामीण संदीप ने भी पंप संचालक पर जमकर गुस्सा निकाला। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र का इकलौता पंप होने के कारण यहाँ अक्सर लोगों से बदसलूकी और मनमानी की जाती है। करीब एक घंटे तक चले इस हाई वोल्टेज हंगामे और नारेबाजी के बाद घबराए कर्मचारियों ने आखिरकार कार में डीजल डाला। जिला पंचायत सदस्य ने इस पूरी मनमानी की लिखित शिकायत कलेक्टर से करने और पंप के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।




