रायपुर । छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ-महासंघ (भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध) ने पुरानी पेंशन बहाली सहित विभिन्न लंबित मांगों को लेकर पावर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन तेज कर दिया है। संगठन ने प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए एक जुलाई को रायपुर में बड़ी संख्या में कर्मचारियों को जुटने की अपील की है।
आंदोलन के पहले चरण में जून माह भर प्रदेश के बिजली कार्यालयों में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। अब दूसरे चरण के तहत एक से नौ जुलाई तक सभी क्षेत्रीय मुख्यालयों के मुख्य अभियंता एवं कार्यपालक निदेशक के माध्यम से कंपनी के अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इसी क्रम में एक जुलाई को शाम पांच बजे रायपुर के गुढ़ियारी स्थित क्षेत्रीय मुख्यालय में आमसभा आयोजित कर पहला ज्ञापन सौंपा जाएगा।
ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
संघ की प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना की बहाली, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी पदों का पुनर्गठन, नई नियमित भर्ती, वेज रिवीजन बोर्ड समिति का गठन, तकनीकी एवं कंप्यूटर भत्ता, लंबित पदोन्नतियां तथा आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे कंपनी से भुगतान शामिल हैं।
10 जुलाई को होगा प्रदेशव्यापी प्रदर्शन
आंदोलन को सफल बनाने के लिए संघ के पदाधिकारियों ने कर्मचारियों से अधिक संख्या में रायपुर पहुंचने की अपील की है। रायपुर ग्रामीण क्षेत्र के नेतृत्व में रायपुर, बलौदा बाजार-भाटापारा, गरियाबंद, महासमुंद और धमतरी जिलों से सैकड़ों कर्मचारी कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद 10 जुलाई को डंगनिया स्थित पावर कंपनी मुख्यालय में प्रदेशभर के बिजली कर्मचारी विशाल धरना-प्रदर्शन कर आंदोलन के तीसरे चरण की शुरुआत करेंगे।




