नई दिल्ली। पेपरलीक और छात्रों के प्रदर्शन में लाठीचार्ज के खिलाफ नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने विपक्ष के नेताओं के साथ गुरुवार शाम को उनके घर से गांधी स्मृति तक मार्च निकाला।
उनके साथ शिवसेना (यूबीटी), NCP (एसपी), TMC, JMM, RJD, लेफ्ट, समाजवादी पार्टी और आईयूएमएल के नेता भी शामिल रहे।
राहुल ने कहा-
पेपरलीक के चलते जिन छात्रों को खो दिया है, हम उन्हें याद कर रहे हैं। हमारे छात्र सड़कों पर हैं, इसलिए विपक्ष के सभी सांसदों को लगा कि हमें भी सड़कों पर उतरना चाहिए।
इस मार्च के पहले उनके घर पर विपक्षी सांसदों ने बैठक की। इस मार्च के शुरू होने से पहले पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी कर रखी थी। जगह-जगह बसें और बैरिकेड लगा रखे थे। जैसे ही मार्च शुरू हुआ, उनका रास्ता रोक दिया गया। हालांकि करीब 10 मिनट बाद रास्ता खोल दिया गया।
इससे पहले 21 जुलाई को मल्लिकार्जुन खड़गे के जन्मदिन पर राहुल-प्रियंका समेत कांग्रेस नेताओं ने पीएम हाउस तक मार्च किया था। वहां 2 घंटे तक धरने पर बैठ रहे थे। यह मार्च भी बेहद सीक्रेट रखा गया था।
गांधी स्मृति में बापू की हत्या हुई थी, पहले बिड़ला हाउस था
गांधी स्मृति पहले बिड़ला हाउस के नाम से जाना जाता था। महात्मा गांधी ने अपने जीवन के आखिरी 144 दिन यहीं बिताए थे। 30 जनवरी 1948 को प्रार्थना सभा के लिए जाते समय इसी परिसर में नाथूराम गोडसे ने उन्हें गोली मार दी थी। आज भी यहां गांधी जी के अंतिम कदमों के निशान और वह स्थान सुरक्षित है, जहां उन्हें गोली लगी थी।




