वॉशिंगटन। ईरान के खिलाफ युद्ध अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गले की फांस बन गया है और वह इससे निकलने का रास्ता तलाश कर रहे हैं। अमेरिका ने फरवरी के आखिर में ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया था, लेकिन 5 महीने बाद भी इसका हल निकलता नहीं दिखाई दे रहा है। ऐसे में ट्रंप परमाणु मुद्दे को भी छोड़ने को तैयार हो गए हैं, जिसके लिए उन्होंने यह युद्ध शुरू किया था।
अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अगर तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से पूरी तरह खोल देता है तो ट्रंप परमाणु मुद्दे को छोड़कर अपनी जीत की घोषणा करने के लिए तैयार हो सकते हैं।
ट्रंप की चेहरा बचाने की कोशिश
दरअसल, अमेरिका में मध्यावधि चुनाव में तीन महीने से भी कम समय बचा है और ट्रंप प्रशासन यह तरीका ढूढ़ रहा है जिससे अमेरिकी जनता के सामने ईरान में जीत के रूप में पेश किया जा सके। ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप ने बिना किसी न्यूक्लियर डील के पीछे हटने का प्रस्ताव रखा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप कई हफ्तों से ऐसी स्थिति के लिए जमीन तैयार कर रहे हैं। उन्होंने निजी तौर पर अपने सहयोगियों से कहा है कि वे तेहरान के साथ किसी औपचारिक परमाणु समझौते के बिना भी पीछे हट सकते हैं।
ईरान ने रख दी होर्मुज पर नई शर्तें
यह जानकारी ऐसे समय में आई है, जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के अहम जलमार्ग को खोलने के लिए अहम शर्तें रख दी हैं। इसमें अमेरिका से मुवावजे के रूप में अरबों डॉलर का भुगतान, क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को खत्म करना शामिल है। इन मांगों ने संघर्ष को खत्म करने की ट्रंप की कोशिशों को मुश्किल बना दिया है।
ईरान की सुप्रीम नेशनल काउंसिल ने जोर देकर कहा है कि होर्मुज तब तक नहीं खुलेगा जब अमेरिका अपना व्यवहार नहीं सुधारता। इस बीच ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को कहा है कि ओमान के साथ नए समुद्री रास्तों पर बातचीत अंतिम चरण में है। लेकिन साथ ही यह भी कहा कि रास्तों पर समझौते का मतलब यह नहीं है कि होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल जाएगा। उन्होंने कहा कि दूसरी शर्तों पर निर्भर करता है, जिसे मध्यस्थों के जरिए पहुंचा दिया गया है। इसमें मुआवजा भी शामिल है।
ईरान-ओमान समझौते के करीब
ईरान और ओमान एक अस्थायी व्यवस्था को अंतिम रूप देने पर काम कर रहे हैं। इसमें जहाज ईरान की तरफ से होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश करके फारस की खाड़ी में पहुंचेंगे और ओमान की तरफ वाले रास्ते से बाहर निकलेंगे। इस अंतरिम अवधि के दौरान जहाजों से कोई शुल्क या टोल नहीं लिया जाएगा।
ईरान की मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए होर्मुज से होने वाली शिपिंग में रुकावट डालने की क्षमता ने तेहरान को बढ़त दिलाई है। इन हमलों से होर्मुज के अहम जलमार्ग पर कमर्शियल शिपिंग धीमी हो गई है, जिसने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार को हिला दिया है। ट्रंप ने हाल के हफ्तों में बार-बार कहा कि होर्मुज खुला है, लेकिन जहाजों पर हुए हमले उनके दावों को गलत साबित करते हैं।




