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छत्तीसगढ़: अगले 7 दिनों तक बारिश के आसार, प्रदेश में मौसमी वर्षा अब सामान्य से सिर्फ 6 प्रतिशत कम

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज भी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। प्रदेश में बारिश का दौर अगले 7 दिन तक जारी रहने की संभावना है। गुरुवार को सरगुजा, बिलासपुर और दुर्ग संभाग में कई जगह बारिश हुई, जबकि कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई।

सीजन में अब सिर्फ 6% कम बारिश

प्रदेश में 1 जून से अब तक हुई बारिश का आंकड़ा सामान्य के करीब पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में सीजन की औसत बारिश सामान्य से सिर्फ 6% कम है। इसे सामान्य बारिश की कैटेगरी में माना जा रहा है।

कोरबा के पाली थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह खारुन नदी में बहा 45 वर्षीय गेंदलाल का शव करीब 24 घंटे बाद गुरुवार सुबह मिला। वह नदी किनारे गुड़ाखू करने गया था, तभी पैर फिसलने से तेज बहाव में बह गया। करीब 500 मीटर दूर झाड़ियों में उसका शव मिला।

वहीं, रायगढ़ के धरमजयगढ़ ब्लॉक के पुटूकछार गांव में नदी का जलस्तर बढ़ने से रपटा पुल चार दिनों से डूबा है। इससे खम्हार-पुटूकछार मार्ग पर लोगों का आना-जाना बंद है। स्कूली बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और ग्रामीणों को भी गांव से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है।

पिछले 24 घंटे में प्रदेश का सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान जगदलपुर में 30.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में 21.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

रायपुर में गरज-चमक के साथ पड़ेंगी बौछारें

रायपुर शहर में आज (21 अगस्त) गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। शहर का अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

1 जून से 20 अगस्त तक प्रदेश में 771.8 एमएम बारिश

छत्तीसगढ़ में 1 जून से 20 अगस्त तक औसतन 771.8 एमएम (30.4 इंच) बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 818.7 एमएम (32.2 इंच) मानी जाती है। यानी प्रदेश में बारिश सामान्य से सिर्फ 6% कम है और राज्य की स्थिति नार्मल कैटेगरी में बनी हुई है।

हालांकि प्रदेश का कुल आंकड़ा सामान्य है, लेकिन जिला स्तर पर बारिश में बड़ा अंतर है। कहीं सामान्य से 55% ज्यादा बारिश हुई है, तो कुछ जिलों में अब भी 41% तक की कमी बनी हुई है।

33 में से 21 जिलों में स्थिति नार्मल, 8 में एक्सेस बारिश

प्रदेश के 13 जिलों में बारिश नार्मल रही है, जबकि 8 जिलों में सामान्य से ज्यादा यानी एक्सेस बारिश दर्ज की गई है। वहीं 7 जिले डेफिशिएंट कैटेगरी में हैं। बाकी जिलों में भी सामान्य के आसपास बारिश दर्ज की गई है।

सबसे ज्यादा बारिश सारंगढ़-बिलाईगढ़ में हुई। यहां 1 जून से 20 अगस्त तक 1014.6 एमएम (40 इंच) बारिश हुई, जो सामान्य 653 एमएम (25.7 इंच) से 55% ज्यादा है। इसके बाद बलरामपुर में 45%, मुंगेली में 35%, महासमुंद में 26%, बलौदाबाजार में 25%, जांजगीर में 21% और नारायणपुर में 21% एक्सेस बारिश दर्ज की गई।

सरगुजा में सबसे ज्यादा कमी, बेमेतरा और कांकेर भी पीछे

बारिश की कमी वाले जिलों में सबसे खराब स्थिति सरगुजा की है। यहां सामान्य 851.6 एमएम के मुकाबले सिर्फ 499.7 एमएम बारिश हुई है। यानी जिला अब भी सामान्य से 41% नीचे है।

इसके बाद बेमेतरा और कांकेर दोनों में 39% की कमी दर्ज की गई है। जशपुर में बारिश सामान्य से 33% कम है। इसके अलावा बस्तर में 25% और कोंडागांव में 22% की कमी बनी हुई है।

रायपुर में 12% ज्यादा, दुर्ग में 14% कम

रायपुर में इस सीजन अब तक 805.5 एमएम (31.7 इंच) बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य आंकड़ा 722.2 एमएम (28.4 इंच) है। यहां बारिश सामान्य से 12% ज्यादा है।

वहीं दुर्ग में 606.3 एमएम (23.9 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य 707.4 एमएम (27.8 इंच) से 14% कम है, लेकिन यह जिला अभी भी नार्मल कैटेगरी में है। इसी तरह राजनांदगांव में 14% और कबीरधाम, मोहला-मानपुर-चौकी में 17% तक की कमी के बावजूद स्थिति नॉर्मल रेंज में है।

बस्तर संभाग में भी अलग-अलग तस्वीर

बस्तर क्षेत्र में भी बारिश का वितरण एक जैसा नहीं है। नारायणपुर में सामान्य से 21% ज्यादा बारिश हुई है, जबकि बीजापुर और दंतेवाड़ा में स्थिति नार्मल है। दूसरी तरफ बस्तर में 25%, कोंडागांव में 22% और कांकेर में 39% की कमी दर्ज की गई है।

यानी बस्तर क्षेत्र में भी कुछ जिलों में अच्छी बारिश हुई, लेकिन कई जिले अब तक मानसून की कमी से जूझ रहे हैं।

किन जिलों में सबसे ज्यादा बारिश

बारिश की वास्तविक मात्रा की बात करें तो नारायणपुर में 1068.7 एमएम (42.1 इंच), सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1014.6 एमएम (40 इंच), बलरामपुर में 994.4 एमएम (39.2 इंच), जांजगीर में 942.6 एमएम (37.1 इंच), महासमुंद में 939.5 एमएम (37 इंच) और बीजापुर में 939.4 एमएम (37 इंच) बारिश दर्ज की गई है।

वहीं सबसे कम बारिश बेमेतरा में 455.3 एमएम (17.9 इंच) और सरगुजा में 499.7 एमएम (19.7 इंच) हुई है।

क्या कहता है पूरा डेटा?

छत्तीसगढ़ के लिए राहत की बात यह है कि अगस्त के तीसरे हफ्ते तक प्रदेश की कुल मौसमी बारिश सामान्य के करीब पहुंच गई है। जून और जुलाई के शुरुआती दौर में कई जिलों में बनी भारी कमी अब काफी हद तक भर चुकी है।

लेकिन आंकड़े यह भी बता रहे हैं कि प्रदेश की औसत बारिश को देखकर हर जिले की स्थिति का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। 33 में कई जिलों में सामान्य या एक्सेस बारिश है, जबकि सरगुजा, बेमेतरा, कांकेर, जशपुर, बस्तर और कोंडागांव जैसे जिलों में बारिश की कमी अब भी बनी हुई है।

आने वाले दिनों में इन जिलों में अच्छी बारिश होती है तो सीजन के अंत तक इनका रेनफॉल डेफिसिट और कम हो सकता है।

 

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