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छत्तीसगढ़: स्वाइन फ्लू ने पसारे पैर, राज्य में 38 तो रायपुर में 25 केस; आधे से ज्यादा एक्टिव

रायपुर।  बारिश और बदलते मौसम के बीच प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने लगे हैं। अब तक 38 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा 25 मरीज रायपुर के हैं। रायपुर में मिले मरीजों में आधे से अधिक अभी एक्टिव हैं। इसके अलावा बिलासपुर, दुर्ग, बलौदाबाजार, बस्तर, बेमेतरा और रायगढ़ में भी मरीज मिले हैं। इसे लेकर अब स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट है।

सरकारी अस्पतालों में भी ऐसे लक्षणों वाले मरीजों का सैंपल लैब भेजकर जांच करवाई जा रही है। ताकि मरीजों को पहचानकर उनका उचित उपचार किया जा सके।

मौसमी इन्फ्लूएंजा का ही हिस्सा

विशेषज्ञों की मानें तो स्वाइन फ्लू अब मौसमी इन्फ्लूएंजा का ही हिस्सा है। यानि इसकी प्रवृत्ति आम मौसमी वायरस की ही तरह है। भीड़भाड़ वाली और कम हवादार जगहों पर इसका संक्रमण तेजी से फैल सकता है। स्कूल, कार्यालय, सार्वजनिक परिवहन और बंद स्थानों में संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से वायरस दूसरे लोगों तक पहुंच सकता है।

बुखार-खांसी को सामान्य न समझें

स्वाइन फ्लू अब मौसमी बीमरियों की ही तरह है। इसमें अचानक बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द, ठंड लगना और अधिक थकान जैसे लक्षण हो सकते हैं। सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, लगातार तेज बुखार या हालत बिगड़ने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में जटिलता का खतरा ज्यादा रहता है।

लक्षण होने पर घर में रहें

  • संक्रमित व्यक्ति को लक्षण रहने तक भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए।
  • खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढंकें।
  • नियमित रूप से हाथ धोते रहें।
  • कमरे में हवा का पर्याप्त आवागमन रखें।
  • जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करें, यह संक्रमण रोकने में मददगार है।
  • लक्षण होने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेने के बजाय डॉक्टर से जांच और उपचार संबंधी सलाह लें।
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