तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 32वां दिन हैं। अमेरिका ने ईरान के इस्फहान शहर में एक बड़े हथियार डिपो पर एयरस्ट्राइक की है। वॉल स्ट्रीट जर्नल रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला सोमवार रात को किया गया और इसमें 2000 पाउंड के बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया।
रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि इस डिपो में बड़ी मात्रा में हथियार और सैन्य सामग्री रखी गई थी, जिसे निशाना बनाया गया। बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल मजबूत और भूमिगत ठिकानों को तबाह करने के लिए किया जाता है।
हमले के बाद डिपो में रखे हथियारों में विस्फोट होने से कई धमाके हुए और इलाके में आग के बड़े गुबार उठे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी सोशल मीडिया पर धमाकों का एक वीडियो शेयर किया है।
उधर लेबनान के ईरान समर्थक उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह ने दावा किया कि उसने सोमवार को इजराइल के उत्तरी शहर हाइफा में ऑयल रिफाइनरी पर ईरानी मिसाइल से हमला किया।
हमले के बाद रिफाइनरी परिसर में एक पेट्रोल टैंक में आग लग गई, जिससे इलाके में घना धुआं फैल गया। अभी तक यह साफ नहीं है कि आग मिसाइल हमले से लगी या इंटरसेप्ट किए गए मलबे के कारण।
एहतियात के तौर पर स्थानीय प्रशासन ने लोगों को घरों की खिड़कियां बंद रखने और बाहर न निकलने की सलाह दी थी।
वहीं, ईरान जंग के बीच फारस की खाड़ी में भारत के 18 जहाज और 485 भारतीय क्रू फंसे हुए हैं। जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि ये सभी सुरक्षित हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पूर्व RAW चीफ बोले- ट्रम्प और नेतन्याहू ने ईरान को गलत समझा
मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच भारत के पूर्व RAW चीफ विक्रम सूद ने अमेरिका और इजराइल की रणनीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रम्प और बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान को गलत तरीके से आंका है।
ANI को दिए इंटरव्यू में सूद ने कहा कि ईरान इस संघर्ष में मजबूती से लड़ रहा है और प्रभावी तरीके से जवाब दे रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ विश्लेषकों के अनुसार यह एक बड़ी रणनीति हो सकती है, जिसका उद्देश्य ईरान को कमजोर करना और क्षेत्र में इजराइल का प्रभुत्व बढ़ाना है।
अमेरिकी हमले में ईरान का विमान डैमेज
ईरान में सोमवार को महान एयरलाइंस का एक प्लेन अमेरिकी हमले में क्षतिग्रस्त हो गया। यह विमान मशहद एयरपोर्ट पर खड़ा था और नई दिल्ली आने वाला था। इसका मकसद भारत से दवाइयों और दूसरी जरूरी राहत सामग्री लेकर जाना था।
हालांकि, इस हमले को लेकर अमेरिका की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें…



अमेरिका में पेट्रोल की कीमत 4 डॉलर प्रति गैलन के पार
अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत 4 डॉलर प्रति गैलन के पार पहुंच गई है। ऐसा तीन साल से ज्यादा समय में पहली बार हुआ है। रॉयटर्स के मुताबिक, इसकी बड़ी वजह अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध है।
संघर्ष से वैश्विक तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी, जिससे कच्चे तेल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ीं।
इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। एक सर्वे के अनुसार, करीब 55% अमेरिकी नागरिकों ने कहा कि बढ़ती पेट्रोल कीमतों का उनके खर्च पर नकारात्मक असर पड़ा है।
तंगसीरी की मौत पर ईरान में शोक
ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के प्रमुख मोहम्मद अली मोवहेदी केरमानी ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना के कमांडर एडमिरल अलीरेजा तंगसीरी की मौत पर संवेदना व्यक्त की है।
उन्होंने कहा कि तंगसीरी की शहादत ईरान के बहादुर सैनिकों की वीरता का एक और उदाहरण है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी शहादत ईरान के लिए गर्व और सम्मान की बात है और इससे देश के लोगों की एकता और मजबूत होगी।

इजराइली सेना ने बताया है कि दक्षिणी लेबनान में उसके 4 और सैनिक मारे गए हैं। इनमें दो सैनिकों की उम्र 21 साल थी, एक की उम्र 22 साल थी। 2 मार्च से अब तक दक्षिणी लेबनान में 10 इजराइली सैनिकों की मौत हो चुकी है।
इराकी मिलिशिया बोला- अमेरिकी ठिकानों पर 19 हमले किए
इराक के हथियारबंद संगठन इस्लामिक रेसिस्टेंस इन इराक ने दावा किया कि उसने पिछले 24 घंटों में अमेरिकी ठिकानों पर 19 हमले किए। संगठन के मुताबिक, इन हमलों में ड्रोन का इस्तेमाल हुआ।
समूह ने कहा कि उसके लड़ाकों ने इराक और क्षेत्र के अन्य हिस्सों में मौजूद अमेरिकी बेस को निशाना बनाकर ये ऑपरेशन किए।
ईरान, अमेरिका और इजराइल के बढ़ते तनाव के बीच इराकी मिलिशिया की गतिविधियां तेज हुई हैं और वे लगातार अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहे हैं।
रिपोर्ट- होर्मुज बंद रहे तो भी युद्ध खत्म कर सकते हैं ट्रम्प
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान के साथ चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए तैयार हैं, भले ही होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह न खुले। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रम्प और उनके सलाहकारों ने हाल के दिनों में रणनीति पर दोबारा विचार किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशासन का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट को जबरन खुलवाने की कोशिश युद्ध को लंबा खींच सकती है। इसलिए अब बिना इसे पूरी तरह खुलवाए भी युद्ध समाप्त करने का विकल्प देखा जा रहा है।
अमेरिका की योजना पहले ईरान की नौसेना और मिसाइल क्षमता को कमजोर करने जैसे सैन्य टारगेट को हासिल करने की है। इसके बाद कूटनीतिक दबाव के जरिए ईरान को व्यापार बहाल करने के लिए मजबूर किया जाएगा। इस रणनीति के तहत अमेरिका यूरोप और खाड़ी देशों को आगे कर ईरान पर दबाव बनाने की भी तैयारी कर रहा है।
अमेरिका ने ईरान के इस्फहान शहर पर हमला किया
ईरान के इस्फहान में अमेरिकी हमले के बाद जोरदार विस्फोट हुए हैं। सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक धमाकों के बाद कई जगह आग के गुबार उठे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रातभर शहर के अलग-अलग हिस्सों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। सोशल मीडिया वीडियो में विस्फोट और आग की लपटें दिखीं। इस्फहान ईरान का अहम औद्योगिक और रणनीतिक शहर है, लेकिन हमले में किन ठिकानों को निशाना बनाया गया, इसकी जानकारी नहीं है।
ईरानी विदेश मंत्री बोले- सऊदी अरब देश से अमेरिकी सेना को बाहर करे
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सऊदी अरब से कहा है कि वह अपने देश से अमेरिकी सेना को बाहर करे। उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान के हमले केवल उसके दुश्मनों को निशाना बनाते हैं।
अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “ईरान सऊदी अरब का सम्मान करता है और उसे एक भाई देश मानता है। हमारी कार्रवाई उन दुश्मन हमलावरों के खिलाफ है, जो न अरबों का सम्मान करते हैं और न ईरानियों का। अब समय आ गया है कि अमेरिकी बलों को बाहर निकाला जाए।”
अमेरिकी सांसद बोले- ट्रम्प ईरान के खिलाफ बुरी तरह से हारे
अमेरिका के सांसद क्रिस मर्फी ने कहा है कि ट्रम्प प्रशासन के पास ईरान के खिलाफ कोई स्पष्ट रणनीति नहीं है और अमेरिका इस युद्ध में बुरी तरह से हार रहा है।
सीनेट की विदेश संबंध समिति के प्रमुख सदस्य मर्फी उन नेताओं में शामिल हैं जो ईरान में चल रहे अमेरिका-इजराइल के संयुक्त सैन्य अभियान को तुरंत खत्म करने की मांग कर रहे हैं।
मर्फी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पोस्ट में लिखा कि बिना रणनीति के सिर्फ सैन्य कार्रवाई का कोई फायदा नहीं होता। उन्होंने कहा कि पहले भी हजारों दुश्मनों को मारने जैसी रणनीति विफल रही है और इससे दुश्मन को ही फायदा मिला।
उन्होंने कहा, “ईरान में भी यही हो रहा है। हमारी रणनीति और तरीके असफल हो रहे हैं, इसलिए ईरान मजबूत हो रहा है।” उन्होंने चेतावनी दी कि यह युद्ध आगे चलकर चीन और ईरान के बीच और मजबूत गठबंधन बना सकता है।
दुबई पोर्ट पर कुवैती तेल टैंकर पर हमला, अटैक के समय तेल से भरा था टैंकर
कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने बताया है कि कच्चे तेल से भरा बड़ा टैंकर अल सलामी दुबई पोर्ट पर ईरान के हमले का शिकार हुआ। उस समय टैंकर पूरी तरह तेल से भरा हुआ था।
हमले के कारण जहाज के ढांचे को नुकसान पहुंचा और उसमें आग लग गई। इसके साथ ही आसपास के समुद्र में तेल रिसने की आशंका भी जताई जा रही है।
हालांकि राहत की बात यह है कि इस हमले में किसी भी चालक दल के सदस्य को चोट नहीं आई है और सभी लोग सुरक्षित हैं।




