तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आज रात ईरान की पूरी सभ्यता खत्म करने की धमकी दी है। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर कहा- आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी, जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा।
उन्होंने कहा-
मैं नहीं चाहता कि ऐसा हो, लेकिन शायद ऐसा ही होगा। हालांकि, अब वहां सत्ता पूरी तरह बदल चुकी है, जहां अलग, ज्यादा समझदार और कम कट्टर सोच वाले लोग मौजूद हैं। कौन जानता है कि शायद कुछ बहुत शानदार और क्रांतिकारी हो सकता हो?
ट्रम्प ने दावा किया कि आज रात हम दुनिया के लंबे और जटिल इतिहास के सबसे अहम पल के गवाह बनेंगे। 47 सालों की ज्यादती, भ्रष्टाचार और मौत का सिलसिला आखिरकार खत्म हो जाएगा। ईश्वर ईरान के लोगों की रक्षा करे।
ट्रम्प की धमकी पर साउथ अफ्रीका स्थित ईरानी दूतावास ने जवाब दिया है। ईरान ने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों को ईरान की प्राचीन सभ्यता से ऐसा जवाब मिलेगा, जिसे कभी भूल नहीं पाएंगे।
ईरान में कई जगहों पर अटैक
इजराइली एयर फोर्स ने मंगलवार को ईरान में करीब 10 अहम रेल लाइनों और पुलों पर हमला किया है। द टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, यह हमले इसलिए किए गए ताकि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स अपने हथियार और सैन्य सामान एक जगह से दूसरी जगह न ले जा सके।
हमलों से पहले इजराइल ने ईरान के लोगों को चेतावनी दी थी कि वे शाम तक ट्रेनों से दूर रहें। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स इन रेलवे और हाईवे पुलों का इस्तेमाल हथियार और सैन्य सामान ले जाने के लिए कर रही थी।
सबसे बड़ा हमला खार्ग आइलैंड पर हुआ, जहां ऑयल टर्मिनल को निशाना बनाया गया। ईरान का करीब 80 से 90% कच्चा तेल यहीं से एक्सपोर्ट होता है।
इसी दौरान कोम और कशान में भी पुलों को निशाना बनाया गया। काशान के पास यहयाबाद रेलवे पुल पर हमले में 2 लोगों की मौत हो गई और 3 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम ईरान में तबरीज-जंजान हाईवे के पुल पर भी हमला किया गया।
कतर की चेतावनी, हालात काबू से बाहर होने के करीब
कतर ने मंगलवार को चेतावनी दी कि मिडिल ईस्ट की स्थिति एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां हालात काबू से बाहर जा सकते हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने कहा कि सभी पक्षों से अपील की जा रही है कि वे हालात और बिगड़ने से पहले इस युद्ध का समाधान निकालें।
जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका की तय डेडलाइन से पहले क्या तनाव कम हो सकता है, तो उन्होंने कहा कि कोशिश यही है कि स्थिति बेकाबू होने से पहले कोई रास्ता निकले।
कतर ने यह भी साफ किया कि ईरान के साथ कोई भी समझौता सभी क्षेत्रीय देशों की सहमति से होना चाहिए और किसी को बाहर नहीं रखा जाना चाहिए।
कतर चाहता है कि इलाके की सुरक्षा के लिए साझा व्यवस्था बने, जिसमें अंतरराष्ट्रीय गारंटी भी हो और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन किया जाए। कतर ने यह भी कहा कि वह फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की भूमिका नहीं निभा रहा है।
प्रवक्ता ने यह भी साफ किया कि होर्मुज स्ट्रेट किसी एक देश के कंट्रोल में नहीं है और इसका इस्तेमाल किसी एक देश के हित के लिए नहीं होना चाहिए।
ईरान में ब्रिज और पावर प्लांट बचाने सड़कों पर उतरे लोग
ईरान में लोग देश के अलग-अलग इलाकों में जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर के बाहर ह्यूमन चेन बनाकर खड़े हो गए हैं। दरअसल ट्रम्प ने धमकी है कि वे मंगलवार को रात 8 बजे (अमेरिका समयानुसान) ईरान के जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर (ब्रिज और पावर प्लांट) पर हमले की धमकी दी है।
ईरान में भारतीयों को 48 घंटे तक सुरक्षित जगह रहने की सलाह
भारत सरकार ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि लोग अगले 48 घंटे तक जहां हैं वहीं सुरक्षित रहें और बाहर निकलने से बचें।
सरकार ने यह भी सलाह दी है कि भारतीय नागरिक किसी भी सैन्य ठिकाने या संवेदनशील जगहों के पास न जाएं। यह कदम ईरान में बढ़ते तनाव और संभावित हमलों के खतरे को देखते हुए उठाया गया है।
इससे पहले भी भारत सरकार अपने नागरिकों को सावधानी बरतने और जरूरत पड़ने पर ईरान छोड़ने की सलाह दे चुकी है।
ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत के सभी रास्ते बंद किए
ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत के सभी रास्ते बंद कर दिए हैं। तेहरान टाइम्स के मुताबिक, अब न तो सीधे और न ही परोक्ष (बैकचैनल) तरीके से कोई संपर्क हो रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों देशों के बीच किसी भी तरह के संदेशों का आदान-प्रदान भी रोक दिया गया है।



