तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच अब समुद्र के खारे पानी को साफ करने वाले प्लांट्स को निशाना बनाया जा रहा है। ईरान ने शनिवार को दावा किया कि अमेरिका ने होर्मोजगान प्रांत में हवाई हमला कर बोंजी डिसैलिनेशन (वाटर) प्लांट को तबाह कर दिया। इस हमले के बाद 20 गांवों के करीब 10 हजार लोगों की पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है।
वहीं कुवैत ने कहा कि ईरान ने लगातार दूसरे दिन उसके पानी के प्लांट को निशान बनाया है। कुवैत में पीने का लगभग 90 प्रतिशत खारे पानी को मीठी बनाने की प्रक्रिया (डिसैलिनेशन) से मिलता है। कुवैत की तरफ से कहा गया है कि इसमें किसी भी तरह की रुकावट रेगिस्तान वाले छोटे से देश में जीवन के लिए खतरा पैदा कर सकती है।
पाकिस्तान और कुवैत की अमेरिका-ईरान से जंग रोकने की अपील
होर्मोज स्ट्रेट के आसपास फिर से बढ़ते सैन्य संघर्ष के बीच पाकिस्तान और कुवैत ने अमेरिका और ईरान से पिछले महीने हुए इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन का सम्मान करने और तनाव बढ़ाने वाले कदमों से बचने की अपील की है।
यह अपील शनिवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह के बीच हुई बातचीत के दौरान की गई।
वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र की ताजा स्थिति पर चर्चा की। कुवैत के विदेश मंत्री ने अपने देश पर लगातार हो रहे हमलों पर गंभीर चिंता जताई और उम्मीद व्यक्त की कि सभी पक्ष संयम बरतेंगे तथा इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन को पूरी तरह लागू करेंगे।
रिपोर्ट- युद्ध खत्म होने तक नहीं दिखेंगे मुजतबा खामेनेई, सुरक्षा वजहों से फैसला
ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई अमेरिका और इजराइल के साथ जारी युद्ध खत्म होने तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आएंगे। रूसी समाचार एजेंसी TASS से बातचीत में एक ईरानी सूत्र ने बताया कि सुरक्षा कारणों से फिलहाल उनकी कोई सार्वजनिक मौजूदगी नहीं होगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, मुजतबा खामेनेई का किसी विदेशी नेता के साथ पहला आधिकारिक संपर्क रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ फोन पर बातचीत या मुलाकात हो सकता है।
इससे पहले कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि 23 जुलाई को तेहरान में अयातुल्ला अली खामेनेई की याद में एक श्रद्धांजलि सभा में मुजतबा शामिल हो सकते हैं।
कुवैत ने ईरान के हमलों को जघन्य बताया
कुवैत ने अपने तेल ठिकानों, बिजलीघरों और समुद्री पानी को पीने योग्य बनाने वाले डिसैलिनेशन प्लांट पर हुए ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की है।
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को ‘जघन्य’ बताते हुए कहा कि ईरान लगातार नागरिक ठिकानों और जरूरी बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है।
कुवैत ने ईरान को इस हमले के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराते हुए तुरंत हमले रोकने की मांग की।
ईरान ने अमेरिका के साथ हुए समझौते से पीछे हटने का ऐलान किया
ईरान ने अमेरिका के साथ एक महीने पहले हुए समझौते से पीछे हटने का ऐलान किया है। उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि अमेरिका ने खुद समझौते का उल्लंघन किया, इसलिए तेहरान अब उसकी शर्तों का पालन नहीं करेगा।
अमेरिका और ईरान के बीच हुआ यह समझौता कई हफ्तों तक चले संघर्ष के बाद हुआ था। इसके बाद दोनों देशों के बीच विस्तृत बातचीत का रास्ता खुला था, लेकिन हाल के दिनों में दोनों पक्षों के बीच फिर से हमले शुरू होने के बाद यह समझौता लगभग बेअसर हो गया है।
पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी कहा था कि उन्हें लगता है कि ईरान के साथ हुआ युद्धविराम अब खत्म हो चुका है।




