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आरएसएस प्रमुख भागवत बोले- जेन-जी हमारी पीढ़ी से ज्यादा ईमानदार और देशभक्त, हमें उनकी बात समझनी चाहिए

मुंबई। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को मुंबई में Gen-Z और Gen-अल्फा को 1 घंटे तक संवाद किया। उन्होंने कहा कि जेन-जी और जेन-अल्फा, पुरानी पीढ़ी से भी ज्यादा देशभक्त और ईमानदार है।

उन्होंने कहा- हमें उनकी बात सुननी चाहिए। उनसे बातचीत में कमी थी, इसीलिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन हुआ।

उन्होंने ये बात मुंबई में इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस यानी IIMUN की 15वीं वर्षगांठ पर कही। प्रोग्राम में 11 से 19 साल की उम्र के करीब 2,000 छात्र शामिल हुए।

NEET पेपर लीक के खिलाफ देशभर में प्रदर्शनों के बाद इसे RSS का युवाओं के साथ सबसे अहम संवाद माना जा रहा है। जंतर-मंतर पर 36 दिन चले आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था।

भागवत ने कहा- सुधार के लिए आंदोलन जरूरी, 10 बड़ी बातें…

1. सरकार की गलती पर: आंदोलन तब होता है, जब बातचीत नाकाम हो जाती है। अगर सरकार ने पहले ही बात कर ली होती, तो आंदोलन की जरूरत नहीं होती। आंदोलन भी बातचीत का एक तरीका है।

2. Gen-Z की सोच पर: हम लोग जब Gen-Z की उम्र में थे, तब बड़े जो कहते थे, हम मान लेते थे, सवाल नहीं करते थे। आज की Gen-Z सवाल करती है। उन्हें जवाब चाहिए और प्यार भी चाहिए।

3. Gen-Z के अधिकार पर: Gen-Z को आंदोलन नहीं करना चाहिए, यह तो हम नहीं कहेंगे। संविधान में लिखा है कि प्रदर्शन करना चाहिए, लेकिन यह कैसे करना है, उसे देखना चाहिए।

4. Gen-Z के विरोध पर: हमें भी देखना होगा कि अगर Gen-Z चिल्ला रही है, तो कोई तकलीफ है, तभी चिल्ला रही है। आंदोलन हमारे या आपके खिलाफ नहीं, बल्कि सिस्टम में सुधार के लिए होना चाहिए

5. Gen-Z पर देश विरोधी होने के आरोप पर: अगर Gen-Z आंदोलन कर रही है, तो वह एंटी-नेशनल नहीं है। वे अपने लोग हैं, हमारी अगली पीढ़ी हैं। उनसे हमारा संबंध है। उन्हें हमारी बात समझनी चाहिए और हमें उनकी बात समझनी चाहिए।

6. जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज पर: यह क्यों हुआ, किसलिए हुआ, उसका कारण जानना होगा। इसे देखकर तय करना होगा कि कहां गड़बड़ है। मैं भी पढ़कर बता रहा हूं। कुछ उपद्रवी शामिल हुए, यह न्यूज पेपर में पढ़ा है। अगर मुझे आंख मूंदकर भरोसा करना है, तो मैं Gen-Z पर कर सकता हूं।

7. शिक्षण संस्थानों की दुर्दशा पर: शिक्षा कमर्शियल बिजनेस नहीं है। वह सर्वसुलभ हो, ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर होना चाहिए। ऐसा किसी ने नहीं कहा कि सरकार ही पूरी शिक्षा चलाए। हमें भी सहयोग करना होगा। तभी सुधार होगा। बाद में पाठ्यक्रम की बात आनी चाहिए।

8. पाकिस्तान-चीन से बातचीत बंद होने पर: लड़ाई के समय हमें सरकार का साथ देना चाहिए। लेकिन जब एक बार लड़ाई खत्म हो जाए, तो बातचीत का रास्ता ढूंढना चाहिए। क्योंकि लड़ाई परमानेंट नहीं होती।

9. सेम-सेक्स मैरिज पर: चल रहे सिस्टम को छेड़ा जाए, तो दिक्कत पैदा हो जाएगी। अगर आप नया सिस्टम ला रहे हैं, तो पहले सोसाइटी को उसके लिए तैयार करना होगा।

10. महिलाओं के नेतृत्व पर: महिलाओं की भागीदारी के बारे में सिर्फ भारत में नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के परिप्रेक्ष्य में यह तय है कि उन्हें आगे आना चाहिए। उन्हें समान अधिकार मिलें, उन्हें बराबरी का हक मिले।

भागवत से सवाल- पैलेट गन का इस्तेमाल क्यों हुआ

भागवत से पूछा गया कि बच्चों को भगवान का रूप माना जाता है, लेकिन आंदोलन के दौरान उन पर लाठीचार्ज और पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ। इस पर RSS चीफ ने कहा कि यह क्यों हुआ और किन परिस्थितियों में हुआ, पहले उसका कारण जानना होगा। तभी तय किया जा सकता है कि गड़बड़ी कहां हुई।

भागवत ने ‘फिंगर क्लैप’ किया, इसकी शुरुआत न्यूयॉर्क में 66 साल पहले हुई थी

Gen-Z के इस अनोखे ताली बजाने के तरीके को ‘फिंगर क्लैप’ या ‘माइक्रो क्लैप’ कहा जाता है। इसमें हथेलियां नहीं, बल्कि उंगलियों से हल्की चुटकी जैसी आवाज निकालकर सहमति और सराहना जताई जाती है।

इसकी शुरुआत 1960 के दशक में न्यूयॉर्क की ब्लैक और लैटिनो LGBTQ+ कम्युनिटी में ‘साइलेंट अप्लॉज’ के तौर पर हुई थी। बाद में टिकटॉक और इंस्टाग्राम रील्स के जरिए यह जेन-जी के बीच वायरल हो गया।

भागवत ने प्रोग्राम के अंत में Gen-Z स्टाइल में उंगलियों से क्लैप किया। उन्होंने कहा कि यह आज मैंने Gen-Z से सीखा है।
भागवत ने प्रोग्राम के अंत में Gen-Z स्टाइल में उंगलियों से क्लैप किया। उन्होंने कहा कि यह आज मैंने Gen-Z से सीखा है।
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