तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने को लेकर इस्लामाबाद में सोमवार को दूसरे दौर की बातचीत होने वाली है। लेकिन इससे पहले ईरान ने वहां अपने प्रतिनिधियों को भेजने से इनकार कर दिया है।
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी तस्नीम के मुताबिक जब तक ईरान पर नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी, तब तक पाकिस्तान में बातचीत के लिए कोई डेलिगेशन नहीं भेजा जाएगा।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने धमकी देते हुए कहा कि ईरान के पास आखिरी मौका है। अगर समझौता नहीं हुआ तो ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े हमले किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी डेलिगेशन सोमवार को बातचीत के लिए पाकिस्तान पहुंचेंगे।
ट्रम्प ने न्यूयॉर्क पोस्ट से बातचीत में पुष्टि की है कि उनके विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर इस्लामाबाद पहुंचेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान नहीं जाएंगे। वेंस ने 11-12 अप्रैल को ईरान से बातचीत में अमेरिकी डेलिगेशन का नेतृत्व किया था।
तुर्किये के विदेश मंत्री बोले- सीजफायर बढ़ना जरूरी
तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने कहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों में बातचीत जारी रखने की इच्छा है लेकिन अभी भी कई मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं।
तुर्किये में एक कार्यक्रम के दौरान फिदान ने कहा कि ईरान-अमेरिका की बातचीत के कारण लेबनान की स्थिति पर ध्यान कम हो रहा है और इजराइल इसका फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है।
ईरान बोला- अमेरिका की नाकेबंदी युद्ध अपराध है
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा है कि अमेरिका द्वारा ईरान के बंदरगाहों और तट पर लगाई गई नाकेबंदी सीजफायर का उल्लंघन है। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, इस्माइल ने कहा कि ईरानी जनता पर सामूहिक सजा थोपना युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध के बराबर है।
जेडी वेंस का पाक जाना स्पष्ट नहीं
पाकिस्तान में अमेरिका ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस जाएंगे या नहीं यह स्पष्ट नहीं है। न्यूज एजेंसी AP ने व्हाइट हाउस के हवाले से बताया कि जेडी वेंस इस वार्ता में शामिल होंगे। वहीं अल जजीरा के मुताबिक ट्रम्प ने इंटरव्यू के दौरान बताया कि सुरक्षा चिंताओं के चलते वेंस इस्लामाबाद नहीं जाएंगे।



