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ईरान पर हाइपरसोनिक मिसाइलों से हमला कर सकता है अमेरिका, बचे हुए ईरानी नेता टारगेट पर, सेना ने ट्रम्प को प्लान बताया

वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका पहली बार ईरान के खिलाफ हाइपरसोनिक मिसाइलों का इस्तेमाल कर सकता है। अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर ने राष्ट्रपति ट्रम्प को ईरान के खिलाफ संभावित हमला करने के विकल्पों की जानकारी दी है।

फॉक्स न्यूज के मुताबिक एडमिरल ब्रैड कूपर ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में ट्रम्प के साथ बैठक में ये विकल्प पेश किए। इसमें बताया गया कि अगर ट्रम्प दोबारा हमले का फैसला लेते हैं, तो एक ‘छोटा लेकिन बहुत ताकतवर हमला’ किया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में ईरान की बची हुई सैन्य ताकत, उसके नेता और अहम ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को निशाना बनाया जा सकता है।

रक्षा मंत्रालय कुछ नए और एडवांस हथियार इस्तेमाल करने पर भी विचार कर रहा है। इनमें ‘डार्क ईगल’ नाम की हाइपरसोनिक मिसाइल भी शामिल है। यह मिसाइल करीब 2,000 मील (करीब 3,200 किलोमीटर) दूर तक निशाना साध सकती है और ईरान के बचे हुए बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों को टारगेट कर सकती है।

इसके अलावा, B-1B लांसर बॉम्बर विमानों की मौजूदगी भी इलाके में बढ़ाई जा रही है। ये विमान भारी मात्रा में हथियार ले जाने में सक्षम हैं और हाइपरसोनिक हथियार भी ले जा सकते हैं।

ट्रम्प ने अब स्पेन-इटली से सैनिकों को हटाने की धमकी दी

डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वे इटली और स्पेन में तैनात अमेरिकी सैनिकों की संख्या घटा सकते हैं। उन्होंने ईरान मुद्दे पर दोनों देशों के रुख की आलोचना करते हुए यह संकेत दिया।

उन्होंने इटली को मदद न करने वाला बताया, जबकि स्पेन को खराब देश कहा। ट्रम्प एक दिन पहले जर्मनी में भी सैनिकों की संख्या घटाने की बात कर चुके हैं।

माना जा रहा है कि इन टिप्पणियों से नाटो के प्रमुख सहयोगी देशों के साथ रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है, खासकर तब जब ईरान युद्ध को लेकर पहले से ही गठबंधन के भीतर मतभेद बने हुए हैं।

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