रायपुर । प्रदेश में भीषण गर्मी से राहत मिलने और मानसून की रफ्तार बढ़ने के आसार हैं। मौसम विभाग ने सोमवार से चार दिनों तक पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना जताई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रदेश के शेष हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो गई हैं।
रविवार को बस्तर संभाग के कोहकामेटा में सर्वाधिक 70 मिमी और कोंटा में 60 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा कोंटा में 60, सरगुजा संभाग के खड़गांव में 50 तथा करपावांड, फरसगांव, मानपुर, नारायणपुर, मर्दापाल, रामचंद्रपुर व गंडई में 40-40 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
18 से अधिक जिलों में अंधड़ का अलर्ट
रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, धमतरी, बालोद, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर और कोरिया में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चलने की संभावना है। वहीं बस्तर संभाग के सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर सहित गरियाबंद, महासमुंद और बलरामपुर में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
राजधानी में छाएं रहेंगे बादल, बारिश की संभावना
राजधानी में आज आसमान आंशिक रूप से मेघमय रह सकता है। गरज-चमक के साथ बारिश होने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। शहर का अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है।
चार प्रमुख मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने से बदला मौसम
- एक मानसूनी द्रोणिका पंजाब से हरियाणा और उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार तक समुद्र तल पर बनी है।
- उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश से विदर्भ होते हुए तेलंगाना तक 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक द्रोणिका सक्रिय है।
- मध्य प्रदेश के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती घेरा (चक्रवाती परिसंचरण) बना हुआ है।
- तटीय आंध्र प्रदेश से छत्तीसगढ़ होते हुए मध्य महाराष्ट्र तक 4.5 किमी की ऊंचाई पर एक और द्रोणिका मौजूद है।




