रायपुर। रायपुर पुलिस ने दावा किया है कि पूरे देश में अरबों रुपये की ठगी करने वाले 7 आरोपी पुणे से गिरफ्तार किए गए हैं. उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया गया है. पकड़े गए आरोपी पुणे के खंडाला स्थित रिसोर्ट में करोड़ों रुपए की ठगी करते रंगे हाथों पकड़े गए हैं.
चार करोड़ रुपये से ज्यादा कैश बरामद
आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 4 करोड रुपए से अधिक का कैश बरामद करने के साथ ही 17 मोबाइल फोन, नोट के आकार का काला पेपर, कांच के प्लेट और अन्य सामग्री जप्त की है. इस मामले में पुलिस ने 2 महिला आरोपियों को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया था. अब तक इस मामले में कुल 9 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं. आरोपियों के खिलाफ थाना तेलीबांधा में धारा 318 BNS के तहत कार्रवाई की गई है.
साइबर एंड क्राइम DCP स्मृतिक राजनाला ने बताया कि “इंटरस्टेट गिरोह के मुख्य सरगना ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, मनोज कुमार श्रीवास्तव के साथ ही पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो साल 2005 से लेकर अब तक देश के 100 से अधिक लोगों से अरबो रुपए की ठगी कर चुके हैं. गिरफ्तार आरोपियों को पुणे से ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया गया है. इसमें आरोपी प्रवीण कुमार श्रीवास्तव और मनोज कुमार श्रीवास्तव ठगी के मामले में मुंबई और वाराणसी के जेल में रह चुके हैं. पकड़े गए आरोपी छत्तीसगढ़ नोएडा पुणे बड़ौदा उदयपुर दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों और शहरों में ठगी की वारदात को अंजाम दिए हैं. इसके पहले भी इस मामले में दो महिला आरोपियों को पुलिस ने महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया था.
DCP स्मृतिक राजनाला ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने एक टीम बनाकर पुणे रवाना किया था. जहां पर पुलिस की टीम एक सप्ताह तक कैंप करने के बाद आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश देकर 7 ठगी करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया. पकड़े गए 7 आरोपी वाराणसी निवासी एक व्यक्ति को रकम दोगुनी करने का लालच देकर अपने पास बुलाए थे. पीड़ित अपने साथ करोड़ों रुपए लेकर रिसोर्ट पहुंचा था. पुलिस टीम द्वारा आरोपियों को पीड़ित से रकम प्राप्त कर ठगी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया.
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने ठगी की वारदात को छत्तीसगढ़ सहित दिल्ली और देश के विभिन्न राज्य और शहरों में ठगी की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की.
आरोपी प्रवीण कुमार श्रीवास्तव उर्फ कप्तान उर्फ शेट्टी उर्फ रेड्डी इसके पहले भी ठगी के मामले में मुंबई जेल जा चुका है. आरोपी मनोज कुमार श्रीवास्तव उर्फ़ बड़े सर भी ठगी के मामले में मुंबई और वाराणसी जेल जा चुका है. मामले में अन्य आरोपियों की तलाश पुलिस के द्वारा की जा रही है-स्मृतिक राजनाला, साइबर एंड क्राइम DCP, रायपुर
अधिक रकम का लालच देकर करते थे ठगी
पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे, जिन्हें कम समय में अधिक रकम प्राप्त करने अथवा अपनी रकम को दोगुनी करने का लालच दिया करते थे. आरोपियों ने स्वयं को डी ग्रुप कंपनी (दाऊद ग्रुप) जुड़ा बताकर पीड़ितों पर प्रभाव बनाने का प्रयास किया जाता था. ठगी से प्राप्त रकम को आपस में प्रतिशत के आधार पर बंटवारा किया जाता था. पीड़ितों को प्रभावित करने के लिए आरोपी स्वयं को बड़े नेताओं और फिल्मी कलाकारों के साथ फोटो दिखाया करते थे. गिरोह के मुख्य भूमिका निभाने वाले आरोपी अपने साथ निजी गनमैन भी रखते थे. जिससे पीड़ितों पर प्रभाव और दबाव बनाया जा सके.
इस तरह ठगी को देते थे अंजाम
आरोपियों के द्वारा पीड़ितों को दिल्ली, पश्चिम बंगाल, मुंबई, हैदराबाद, हरियाणा, आगरा, राजस्थान, अहमदाबाद और महाराष्ट्र में शहर के अलग-अलग फाइव स्टार होटल में बुलाया जाता था. स्वयं को प्रभावशाली और सक्षम व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत कर पीड़ितों का विश्वास हासिल किया जाता था. उनसे बड़ी रकम ली जाती थी. इसके बाद केमिकल के माध्यम से नोटों को दुगना करने का झांसा देकर ठगी की जाती थी. पीड़ितों को रकम दोगुनी होने का विश्वास दिलाकर उनसे बड़ी राशि प्राप्त की जाती थी. बाद में आरोपी योजनाबद्ध तरीके से रकम लेकर फरार हो जाते थे. पीड़ितों को गुमराह कर उनकी राशि हड़प ली जाती थी.
आरोपी सुनियोजित षड्यंत्र के तहत स्वयं को प्रभावशाली व्यक्तियों एवं विदेशी निवेशकों से जुड़ा हुआ बताकर पीड़ितों का विश्वास जीता करते थे. इसके पश्चात कंपनी के लिए बड़े निवेश एवं फंड स्वीकृत कराने का झांसा देते हुए बड़े अधिकारियों से बैठक फाइल प्रोसेसिंग सुरक्षा स्वीकृति विदेशी परीक्षण हाई-पावर केमिकल एवं अन्य तकनीकी औपचारिकताओं का हवाला दिया जाता था. पीड़ितों का विश्वास बनाए रखने के लिए आरोपियों द्वारा उसे विभिन्न स्थानों पर बुलाकर नकली केमिकल एवं विशेष रासायनिक प्रक्रिया का प्रदर्शन किया जाता था. यह झूठा दावा किया जाता है कि काले रंग से ढके नोटों को विशेष केमिकल एवं विदेशी तकनीक की सहायता से असली भारतीय मुद्रा में परिवर्तित किया जा सकता है. आरोपियों द्वारा पहले से तैयार असली नोटों का उपयोग कर नकली रासायनिक प्रक्रिया का प्रदर्शन किया जाता था.
अपनाते थे कई तरह की ट्रिक
वॉश-वॉश (Wash & Wash) Black currency Scam पद्धति का उपयोग करते हुए विशेष केमिकल विदेशी तकनीक एवं काले नोटों को असली नोटों में परिवर्तित करने का झूठा प्रदर्शन कर लोगों का विश्वास जीता जाता था. जिससे पीड़ित उनकी बातों पर विश्वास कर ले. इसके पश्चात आरोपियों द्वारा कभी विदेशी केमिकल मंगाने कभी हाई-पावर केमिकल खरीदने कभी विदेशी परीक्षण कभी वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति तो कभी फंड रिलीज एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताओं का बहाना बनाकर विभिन्न किश्तों में लगातार धनराशि ऐंठी जाती थी.
गिरफ्तार आरोपियों का ठिकाना जानिए
पकड़े गए 7 आरोपियों में ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव मुंबई का निवासी है. प्रवीण कुमार श्रीवास्तव उर्फ कप्तान उर्फ शेट्टी उर्फ रेड्डी उत्तर प्रदेश के वाराणसी का रहने वाला है. मनोज कुमार श्रीवास्तव उर्फ बड़े सर उत्तर प्रदेश के वाराणसी का रहने वाला है. विवेक सिंह उत्तर प्रदेश के वाराणसी का निवासी है. शुभम पांडे मुंबई के गोरेगांव ईस्ट का रहने वाला है. योगेंद्र चौहान उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले का रहने वाला है. बालमुकुंद दीक्षित उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले का निवासी है.




