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छत्तीसगढ़: राममंदिर चंदा प्रकरण पर हंगामे के बाद सदन कल तक के लिए स्थगित

रायपुर। विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र सोमवार से आरंभ हो गया है, जो 17 जुलाई तक चलेगा। इस सत्र की शुरुआत पद्म विभूषण पंडवानी गायिका डा. तीजन बाई के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने के साथ हुई। विपक्ष ने तीजन बाई के नाम पर पुरस्कार की घोषणा करने की मांग की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल , शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव , नेता प्रतिपक्ष डा. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी। इसके बाद राममंदिर चंदा विवाद पर सदन का माहौल गरम हो गया। पक्ष विपक्ष की नारेबाजी के बीच विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह ने विधानसभा मंगलवार तक स्थगित कर दी।

इस सत्र में सरकार नौ महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक पेश करेगी, जबकि विपक्ष के आक्रामक रुख को देखते हुए सदन में हंगामे की संभावना है। सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष ने आक्रामक रुख अपनाया है। कांग्रेस विधायकों ने नवा रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर स्थगन प्रस्ताव लाने की योजना बनाई है। इसके अतिरिक्त, किसानों की समस्याओं और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति भी तैयार की गई है। चर्चा है कि विपक्ष सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी पेश कर सकता है।

अयोध्या राममंदिर चंदा पर गहमागहमी

सत्र के पहले दिन कांग्रेस ने राममंदिर चंदा प्रकरण पर स्थगन प्रस्ताव प्रस्तुत किया। जिसे विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने स्वीकार नहीं किया। दोनों पक्ष नारेबाजी करते रहे। इससे पहले रविवार को नेता प्रतिपक्ष डा. चरणदास महंत के रायपुर स्थित निवास पर कांग्रेस विधायक दल की मैराथन बैठक हुई, जिसमें सरकार के खिलाफ ”अविश्वास प्रस्ताव” लाने का निर्णय लिया गया है। कांग्रेस ने इस सत्र में सरकार को विभिन्न जनहित के मुद्दों पर घेरने की व्यापक रणनीति तैयार की है।

14 जुलाई को लाएंगे अविश्वास प्रस्ताव

महंत ने बताया कि कांग्रेस 14 जुलाई को विधानसभा में राज्य सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है और जनता असुरक्षित महसूस कर रही है। उन्होंने रेत माफिया के आतंक, नशे के कारोबार, शराब की समस्या और बिजली बिल में बढ़ोतरी जैसे मुद्दों को सरकार की विफलता का प्रमाण बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नकटी गांव में गरीबों पर हुए अत्याचार के मामले को भी स्थगन प्रस्ताव के जरिए प्रमुखता से उठाया जाएगा।

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