रायपुर। नकटी गांव के प्रभावित ग्रामीण मंत्री ओपी चौधरी के बंगले का घेराव करने के बाद मुख्यमंत्री आवास पहुंच गए हैं। उनके साथ कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद हैं। CM हाउस के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है।
इससे पहले गांव के लोग रायपुर कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठे थे। ग्रामीण सीएम हाउस के सामने ही भोजन कर रहे हैं। इस दौरान पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की। लोगों ने कहा कि हमारे घर तोड़ दिए गए। अब खाना भी नहीं खाने दे रहे।
3 दिन पहले नकटी गांव में 80 घरों पर बुलडोजर चला दिया गया था। बता दें कि प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को EWS मकान दिए हैं, लेकिन सभी को आवास नहीं मिला है। वहीं हाउसिंग बोर्ड का दावा है कि गांव के 77 लोगों ने 15 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा किया था।
गुरुवार को पूर्व डिप्टी CM टीएस सिंहदेव गांव पहुंचे और प्रभावितों से मुलाकात की थी। वहीं BJP सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि रात के अंधेरे में घर तोड़ने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए और वे आज भी ग्रामीणों के साथ खड़े हैं।
पूर्व आवास और पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि कांग्रेस कार्यकाल में नकटी में विधायकों या सांसदों की कॉलोनी बनाने की कोई योजना नहीं थी। उस समय गृह निर्माण मंडल ने केवल सामान्य आवास योजना के लिए 15.47 हेक्टेयर भूमि की मांग की थी, लेकिन जैसे ही पता चला कि वहां सालों से गरीब परिवार रह रहे हैं, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लोगों को बेघर नहीं करने का फैसला लिया था।




