छत्तीसगढ़

आम लोगों पर ही चलता है ED-CBI का डंडा, मोरबी के आरोपियों पर कार्रवाई क्यों नहीं- ममता

नईदिल्ली I मोरबी केबल ब्रिज हादसे के बाद विपक्ष गुजरात और केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर है. विपक्ष इस हादसे के आरोपियों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है. इसी बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मोरबी केबल ब्रिज हादसे को लेकर मोदी सरकार पर इशारों-इशारों में निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मोरबी की घटना में शामिल अपराधियों के खिलाफ ईडी और सीबीआई कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं? वे केवल आम लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि इस हादसे को लेकर जवाबदेही तय होनी चाहिए. मैं पीएम के बारे में कुछ नहीं बोलूंगी, क्योंकि यह उनका राज्य है. मैं राजनीति के बारे में कुछ नहीं बोलूंगी. मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगी, क्योंकि लोगों की जिंदगी राजनीति से ज्यादा महत्वपूर्ण है. मैं संवेदना व्यक्त करती हूं. ममता बनर्जी ने कहा कि कई की मौत हो चुकी है और कई अब भी लापता हैं.

एमके स्टालिन से मिलने चेन्नई जा रहीं ममता बनर्जी

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक प्रमुख एमके स्टालिन से मिलने के लिए चेन्नई रवाना होने से पहले कोलकाता हवाईअड्डे पर मीडियाकर्मियों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि मोरबी पुल हादसे की जांच के लिए उच्चतम न्यायालय की निगरानी में न्यायिक आयोग का गठन किया जाना चाहिए.

ममता सरकार कराएगी पुलों का फिटनेस टेस्ट

बता दें, गुजरात के मोरबी केबल ब्रिज हादसे में अब तक 135 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं कई का अस्पताल में इलाज चल रहा है. इसी बीच कई राज्यों में सरकारें पुलों का फिटनेस टेस्ट कराने में जुटी हुई हैं. इसी बीच ममता सरकार ने भी पुलों का फिटनेस टेस्ट कराने का फैसला किया है. इस संबंध में ममता बनर्जी सरकार ने विधिवत आदेश जारी किया है. बताया है कि राज्य में कुल 2,109 ब्रिज हैं. इनमें से ज्यादातर ब्रिज काफी पुराने हैं.

मोरबी पुल हादसे में 135 लोगों की हुई मौत

गुजरात के मोरबी में 30 अक्टूबर को एक सदी पुराना सस्पेंशन ब्रिज गिर गया था, जिसमें 135 लोगों की मौत हो गई थी. रिपोर्ट के अनुसार, मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए नौ लोगों में से चार को पुलिस हिरासत में और शेष पांच को पांच नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस हिरासत में चार व्यक्तियों में से दो ओरेवा कंपनी के प्रबंधक हैं, जिसने सात महीने के रखरखाव के काम के बाद पुल को आगंतुकों के लिए खोल दिया और अन्य दो ठेकेदारों से जुड़े हुए हैं.